बीकानेर में कोरोना रोगियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के बीच जिला प्रशासन ने वैकल्पिक साधनों की ओर देखना शुरू कर दिया है। दरअसल, जिन रोगियों को फिलहाल अस्पताल में ऑक्सीजन और अन्य सुविधाओं की जरूरत नहीं हैं, उनके लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। फिलहाल राधा स्वामी सत्संग ब्यास में सौ तथा लायंस क्लब एवं रोटरी सेवा सदन में 25-25 बैड के संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है।
जिला कलक्टर नमित मेहता ने सोमवार को इन स्थानों का अवलोकन किया तथा यहां की विभिन्न व्यवस्थाएं देखी। वर्तमान में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि युनिवर्सिटी का किसान घर संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में कार्यरत है। वहीं कृषि विश्वविद्यालय परिसर के इंटरनेशनल हाॅस्टल के अलावा सिद्ध धर्मशाला में क्वारेंटाइन सेंटर के अनुरूप सभी सुविधाएं की गई हैं। इसी श्रृंखला में लायंस क्लब, रोटरी सेवा सदन और राधा स्वामी सत्संग ब्यास में भी ऐसे केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए सभी स्थानों का अवलोकन करते हुए बैड, पेयजल, कूलर, मरीजों एवं परिजनों के प्रवेश एवं निकासी सहित सभी संभावनाओं को देखा गया। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं अतिशीघ्र करने के निर्देश दिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर यहां सुविधा प्रारम्भ की जा सके। इस दौरान क्वारेंटाइन व्यवस्था प्रकोष्ठ प्रभारी एवं नगर विकास न्यास सचिव नरेन्द्र सिंह पुरोहित, निगम आयुक्त एएच गौरी, डाॅ राजा चावला, डाॅ. बी एल मीणा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास के एरिया सचिव हरदेव सिंह मौजूद रहे।
चिकित्सकों की रहेगी ड्यूटी
इन संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर पर चिकित्सकों की ड्यूटी भी रहेगी। यहां उन्हीं रोगियों को रखा जायेगा, जिन्हें ऑक्सीजन या वेंटीलेटर की जरूरत नहीं है। अगर कोई रोगी को यहां आने के बाद तबियत बिगड़ती है तो उसे तुरंत पीबीएम अस्पताल पहुंचाया जायेगा। कोरोना की पहली लहर के दौरान भी ऐसे सेंटर स्थापित किए गए थे।

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