हम साथ-साथ हैं
रामु माली फूल तोड़कर लाता, और हार बनाकर घर-घर देने जाता, एक दिन सड़क पार करते समय अचानक सामने से एक ट्रक आ टकराया, और खुद को बचाते-बचते भी उसकी टांगें ट्रक के नीचे आ गई, जान तो बच गई मगर इस हादसे में वो अपनी दोनों टांगें गवां बैठा, उसे चिंता सताने लगी कि अब घर कैसे चलेगा"
रामु का बेटा बहुत होशियार और समझदार बोला," बाबा आप फ़िक्र ना करें, मां बाग से फूल तोड़कर लाएगी , आप बैठकर हार बना देना और मैं साइकिल पर सुबह स्कूल से पहले और शाम को स्कू्ल के बाद सबके घर दे आऊंगा, जब हम साथ-साथ हैं तो चिंता की क्या बात है"
इस तरह से सबने मिलकर सिर आई विपदा का सामना किया।
तो क्या हम सब मिलकर इस करोना नामक विपदा का सामना नहीं कर सकते।
बस केवल इतना ही तो करना है, लगाना है मास्क और दो गज़ दूर रहना है।
धोना बार-बार हाथ और सेनेटाइज भी करना है।
बेवजह ना घूमना बाहर, ना बेवजह किसी को घर बुलाना है।
पूछ कर फोन पर हालचाल, किसी बीमार का मनोबल बढ़ाना है।
ना मिलकर गले किसी से, जोड़कर हाथ अपने संस्कार याद दिलाना है।
जब हम साथ-साथ हैं, तो करके इन नियमों का पालन करोना को हराना है।
प्रेम बजाज
यमुनानगर, हरियाणा
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