डब्ल्यू ए ब्लॉक शकरपुर … एमसीडी का पानी बना अनेक बीमारियों की जड़ ।
नई दिल्ली। "जल ही जीवन" सभी जानते है; परन्तु आज जल किसी विष से कम नहीं है। जहां एक ओर दुनिया प्राकृतिक आपदाओं एवं महामारी से जूझ रही है वहां दूसरी ओर आम जनता दैनिक जीवन की सबसे अभूतपूर्ण जरूरत की आपूर्ति से जूझ रही है। सामाजिक संगठन वागेश्वरी संस्थान की अध्यक्ष डॉ. नीरू मोहन वागीश्वरी ने प्रमाण देते हुए कहा की इस पानी से भरे गिलास से आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि समस्या कितनी गंभीर है। कोरोना का कहर और दूसरी ओर पेट की अनेकों बीमारियां इस पानी के सेवन से घरों में अपने पैर पसार रही हैं। यह समस्या आज की नहीं है । एक सप्ताह में सिर्फ एक या दो दिन एमसीडी का साफ पानी नलों तक मुहैया कराया जाता है । बाकी पांच दिन इस प्रकार के गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई होती है। ये पानी ना तो पीने योग्य है और न ही इससे कोई अन्य काम किया जा सकता है । अगर इस पानी से कपड़े और बर्तन भी धो लें तो उनमें से भी गटर जैसी बदबू आती है । जिनके घरों में आर. ओ. की सुविधा है; इस पानी के आगे वह भी त्रस्त है। इतना गंदा और बदबूदार पानी है कि इतनी गर्मी में आप पानी होते हुए भी प्यासे हैं। आम मिडिल क्लास आदमी हो या फिर गरीब आदमी जिसके पास खाने के लिए भी पैसे न हो तो बताइए वह कितना पानी बाजार से मोल लेगा … जरा सोचिए । बड़ों से लेकर बच्चे तक ऐसा पानी जिसे पानी नहीं कहा जा सकता पीने को मजबूर है।इन्होंने कहा कि ये समस्या आज की एक दिन या सिर्फ एक जगह की नहीं है । दिल्ली में अनेक स्थानों पर इस प्रकार का पानी नलों तक पहुंचता है और सालों से इस समस्या से आम जनता त्रस्त है परन्तु प्रशासन आंखें मूंदे रहता है। सभी को गद्दी की लालसा है; चुनावी पैंतरों से चुनाव जीता जाता है बाद में सिर्फ नाम के लिए काम को तवज्जो दी जाती है। जनता को अनदेखा करके उन्ही कामों की तरफ जोर दिया जाता है जिससे पार्टी का फायदा या फिर स्वयं की वाहवाही हो । डॉ नीरू मोहन ने दिल्ली सरकार से मांग करते हुए कहा है कि शकरपुर और दिल्ली के अनेक ऐसे क्षेत्रों जहां पर इस प्रकार का गंदा और बदबूदार पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है ,सरकार से करबद्ध अनुरोध करती हूं कि कृपया करके आप दिल्ली के ऐसे क्षेत्रों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने की कृपा करें जहां गंदा पानी नलों से घरों तक अनेकों बीमारियां लेकर पहुंच रहा है।।

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