राष्ट्रीय खिलाड़ी दीप्ति कुमार जोन्हा सेंटर की प्रशिक्षु थी और अभी आइटीबीपी से जुड़ी है। उसने बताया कि व्यक्तिगत मुकाबले में पदक की उम्मीद ज्यादा थी। दीपिका अगर यह मुकाबला जीत जाती है तो आगे का रास्ता आसान था। लेकिन दीपिका दीदी आज जीतने में सफल नहीं हो सकी इसका हमसबको दुख है।

राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाज रीना कुमारी ने कहा हमें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। दीपिका दीदी भले ही पदक जीतने से चूक गई लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से हमसबको गौरवांवित किया है। उनका यह प्रदर्शन युवा तीरंदाजों के बीच उर्जा का संचार करेगा।