
टोक्यो। अमेरिका को अपनी धुरंधर जिम्नास्ट सिमोन बाइल्स के बाहर होने का खामियाजा भुगतना पड़ा और आरओसी (रूसी ओलिंपिक समिति) ने टोक्यो ओलिंपिक की महिला जिम्नास्टिक टीम स्पर्धा में अमेरिकी दबदबे को तोड़कर स्वर्ण पदक जीत लिया। आरओसी ने अजेय मानी जा रही अमेरिकी टीम को 3.5 के अंतर से हराया, जो काफी बड़ा अंतर है।
चार राउंड में आरओसी की व्लादिस्लावा उराजोवा, विक्टोरिया लिस्टुनोवा और एंजेलिना मेलनिकोवा ने कुल 169.528 अंक हासिल किए, जिसमें गत चैंपियन टीम अमेरिका को 166.096 के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा, क्योंकि उनकी खिलाड़ी बाइल्स ने मानसिक बीमारी के चलते अपना नाम स्पर्धा के बीच में ही वापस ले लिया। वही ग्रेट ब्रिटेन की टीम ने 164.096 के अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
अमेरिका की टीम में बाइल्स के लिए तब मुसीबतें खड़ी हुईं, जब बाइल्स अभ्यास के समय ही वाल्ट में दो और आधा ही ट्विस्ट कर सकीं। इसके बाद एक और आधा ट्विस्ट करने के बाद वह फिर से गलतियां दोहराने लगीं और 13.733 का स्कोर करने के बाद उन्होंने नाम वापस ले लिया।
इससे एक दिन पहले ही रूस की पुरुष टीम ने भी इस स्पर्धा का फाइनल जीता था। डोपिंग प्रकरण के कारण रूस ओलिंपिक में अपने देश के नाम, ध्वज या राष्ट्रगीत का प्रयोग नहीं कर सकता है। यूएसए जिमनास्टिक्स ने एक बयान में कहा है, "आगे चिकित्सा मूल्यांकन के बाद, दिग्गज सिमोन बाइल्स ने अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए टोक्यो ओलंपिक खेल 2020 में अंतिम व्यक्तिगत ऑल-अराउंड प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया है।"
अमेरिका की जिमनास्ट सिमोन बाइल्स ने कहा है, "मैंने जो प्रदर्शन किया, उसके बाद मैं आगे नहीं बढ़ना चाहती थी, मुझे अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। हमें अपने दिमाग और शरीर की रक्षा करनी है, ना कि केवल बाहर जाकर वह करना है जो दुनिया हमें करते देखना चाहती है।"
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