जयपुर। गांधी जयंती के अवसर पर शनिवार से प्रशासन शहरों के संग अभियान की शुरुआत हुई। राजधानी में पहले दिन करीब 5370 पट्टे जारी किए गए। इनमें से 5250 पट्टे तो जेडीए ने ही जारी किए। जेडीए परिसर और जोन कार्यालय में आकर लाभार्थियों ने पट्टे लिए। इस दौरान लोगों बेहद खुश भी दिखाई दिए। इन पट्टों पर हस्ताक्षर करने के लिए देर रात तक जेडीए अधिकारी अपने कार्यालयों में रहे। जेडीसी गौरव गोयल ने बताया कि अभियान के दौरान एक लाख पट्टे जारी करने का लक्ष्य दिया गया है। इसको प्राधिकरण पूरा करेगा।
वहीं, हैरिटेज नगर निगम ने पहले दिन 103 पट्टे लाभार्थियों को दिए। मुख्यालय में मुख्य सचेतक महेश जोशी, महापौर मुनेश गुर्जर, उपमहापौर असलम फारुखी और आयुक्त अवधेश मीना ने पट्टे वितरित किए। महापौर मुनेश गुर्जर ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गांधी जी की विचारधारा को अपनाते हुए गरीब और वंचितों को राहत पहुंचाने का काम कर रहे हैं। आयुक्त ने बताया कि 10 हजार पट्टे अभियान के दौरान जारी किए जाएंगे। हवामहल जोन 37, सिविल लाइन जोन में 20, आदर्श नगर में 10, किशनपोल जोन में 15 पट्टे और मुख्यालय पर 21 लोगों को पट्टे जारी किए गए।
किसने कितने जारी किए पट्टे
जेडीए: 5250
हैरिटेज: 103
ग्रेटर: 21
ग्रेटर निगम: पांच पट्टे देकर रस्म आदायगी की, बाकी घूमते रहे
मुख्यालय में पांच लोगों को कार्यवाहक महापौर शील धाभाई और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव ने पट्टे दिए गए। हालांकि, पट्टों के लिए 21 लोगों को बुलाया गया। कई लोग शाम छह बजे तक पट्टे के लिए चौथी मंजिल से लेकर महापौर कार्यालय तक घूमते रहे। ग्रीन पार्क विस्तार कॉलोनी निवासी कुशाल अग्रवाल ने बताया कि सुबह 10 बजे बुलाया था, लेकिन शाम सात बजे तक पट्टा नहीं मिला। अब सोमवार को आने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि पहले आयोजना शाखा के उपायुक्त महेश मान ने महापौर के दिल्ली होने की बात कही। इसके बाद बाबू के छुट्टी होने की बात कह सोमवार को आने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उनका नाम 21 की सूची में था।
इससे पहले आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार ने 5400 पट्टे जारी करने का लक्ष्य दिया है। हम 9000 पट्टे जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें पार्षदों का भी सहयोग लिया जाएगा।
वर्जन———
दो वर्ष पहले आवेदन किया था। बीच में कोरोना आ गया तो आना नहीं हुआ। दो महीने पहले प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कह दिया था कि अभियान शुरू होने के साथ ही पट्टा दे देंगे।
—जितेंद्र खांडल, झोटवाड़ा
करीब दो महीने पहले आवेदन किया था। बिना किसी दिक्कत के पट्टा मिल गया। मैं बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूं। पट्टा लेने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है।
—प्रीति शर्मा, बीलवा
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