मुकेश शर्मा / जयपुर। कमिश्नरेट पुलिस ने तीन माह में लूट-चोरी के 525 मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बरामद मोबाइल कई मालिकों को लौटाए। तब मोबाइल लेने वाले कई लोगों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका मोबाइल वापस भी मिलेगा। शुरू में संबंधित थाने में मोबाइल बरामद के लिए कई चक्कर लगाए। लेकिन मोबाइल नहीं मिला तो चक्कर लगाना भी बंद कर दिया था।
अचानक पुलिस का फोन आया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पुलिस कमिश्नर श्रीवास्तव ने बताया कि तीन माह में कमिश्नरेट पुलिस ने चोरी, लूट, गुमशुदा हुए मोबाइल बरामद करने के लिए विशेष अभियान चलाया। तब करीब 3 करोड़ रुपए कीमत के 525 मोबाइल बरामद किए गए। बरामद मोबाइल 15 हजार रुपए से लेकर 1.20 लाख रुपए कीमत तक हैं।
21 करोड़ रुपए कीमत के मोबाइल बरामद
पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि दो वर्ष में अभियान चलाकर 3506 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों तक पहुंचाए हैं। इन मोबाइल की कीमत करीब 21 करोड़ रुपए है।
जयपुर से बाहर बेच दिए
कमिश्नर श्रीवास्तव ने बताया कि बड़ी संख्या में मोबाइल जयपुर से बाहर अन्य जिले और राज्य में मजबूरी बताकर बेच दिए गए थे। क्राइम ब्रांच ने सीकर, झुंझुनूं, चूरू, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर, दौसा, करौली, भरतपुर, अलवर, कोटा में बेचे गए। जबकि मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में भी चोरी-लूट के मोबाइल बेच दिए गए।
भूल ही गई थी मोबाइल
प्रताप नगर निवासी कुसुम अपनी मां रेशम के साथ मोबाइल लेने कमिश्नरेट कार्यालय पहुंची। कुसुम ने बताया कि उसका मोबाइल वर्ष 2019 में गुम गया था। उसने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन अभी अचानक पुलिस को फोन आया और मोबाइल मिलने की जानकारी दी तो विश्वास ही नहीं हुआ।
भाई को दूंगा मोबाइल
टोंक रोड स्थित कुंभा मार्ग निवासी बीटेक छात्र मो. असलम ने बताया कि गत वर्ष बाइक सवार हाथ से मोबाइल छिन ले गए थे। पुलिस के चक्कर लगाए, फिर भी कुछ नहीं हुआ। लेकिन अब पुलिस ने मोबाइल मिलने की जानकारी दी तो खुशी मिली। खुद ने दूसरा मोबाइल ले लिया था, लेकिन अब यह मोबाइल छोटे भाई को दे दूंगा।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3lbUBqD
एक टिप्पणी भेजें