जयपुर।
तेल कंपनियों ने घरेलू गैस,डीजल और पेट्रोल को महंगाई के उच्चतम स्तर पर पहुंचा कर नवरात्र व दीपावली के त्यौहार को फीका कर दिया है।क्योंकि घरेलू गैस सिलेंडर,डीजल और पेट्रोल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। स्थिति ऐसी है कि घरेलू गैस सिलेंडर की महंगा होने से गृहणियों के लिए त्यौहार पर रसोई का बजट बनाए रखना मुश्किल हो गया है। वहीं डीजल और पेट्रोल के महंगा होने से लोगों को आय ओर खर्च के बीच संतुलन बैठाना मुश्किल हो रहा है। लोग पहले महीने भर के पेट्रोल पर आने वाले खर्च को देखते हैं और फिर उसके बाद अन्य खर्चे तय करते हैं। कंपनियों ने गुरुवार को डीजल की कीमतों में 38 पैसे और पेट्रोल की कीमतों में 32 पैसों की एक और अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी। जिससे जयपुर में प्रति लीटर डीजल 101 रुपए 23 पैसे और पेट्रोल 110 रुपए 34 पैसे हो गया है।
इस तरह प्रभावित कर रहे हैं पेट्र्रोल—डीजल के दाम
सब्सिडी नहीं,रसोई का बजट हुआ बेपटरी
अप्रेल 2020 से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी अघोषित रूप से बंद है। सिलेंडर लगातार महंगा होने से गृहणियों के सामने रसोई का महीने भर का खर्च संतुलित करना चुनौती बन गया है। किसी तरह संतुलित करती भी हैं तो कीमतें बढ़ने से बजट फिर बेपटरी हो जाता हैं। अब गृहणियां रसोई के अन्य खर्चों में कटोती करने को मजबूर हैं।
कार का खर्च 8 और मोटर साइकिल का खर्च 4 हजार तक पहुंचा
अब प्रति लीटर पेट्रोल 110 रुपए से पार हो गया है। स्थिति ऐसी है कि अब लोगों को अपनी आय और महीने भर कार और मोटर साइकिल के खर्च की चिंता पहले होती है। लोग अब पेट्रोल के मासिक खर्च को देख अपने अन्य खर्चे कम कर रहे हैं या फिर वाहन चलाना कम कर रहे हैं।
फल—सब्जी महंगे,राशन भी महंगा
डीजल 101 रुपए प्रति लीटर से उपर पहुंच गया है। इसका सीधा असर मालभाडे पर आया है और फल सब्जी के दाम आसमान छूने लगे हैं। वहीं राशन का अन्य सामान भी महंगा हो रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन के किराए में भी बढ़ोतरी होने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार आएगा।
1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक ऐसे बढे डीजल और पेट्रोल के दाम
डीजल—पेट्रोल
1 अक्टूबर—32—29
2 अक्टूबर—32—27
3 अक्टूबर—33—26
5 अक्टूबर—32—26
6 अक्टूबर—38—31
7 अक्टूबर—38 32
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