दिवाली नजदीक, सड़कों पर लगे जख्मों को मरहम का इंतजार https://ift.tt/3DFCgZa

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जयपुर। त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। दिवाली में अब 20 दिन का समय बचा है। इसके बाद भी जेडीए और नगर निगम पेच वर्क कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बारिश के बाद सड़कों को मरहम का इंतजार है। स्थिति यह है कि रोज शहरवासियों को टूटी सड़कों के बीच से गुजरना पड़ रहा है। मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों की सड़कों पर गड्ढे हैं।

इधर, जलदाय विभाग ने शहर में कई जगह पेयजललाइन डाली है। इसके लिए सड़कें भी खोदी गईं। लेकिन, अब निगम और जेडीए इनको सही नहीं करवा पा रहा है। कई जगह तो सड़क की मरम्मत न होने से दिन भर धूल उड़ती रहती है।
पत्रिका की टीम ने बुधवार को सड़कों की स्थिति को देखा। अधिकतर जगह सड़कों का बुरा हाल था। राजापार्क में सड़कें चार महीने से खुदी पड़ी हैं। इसी तरह सिसोदिया रानी का बाग की ओर जाने वाली सड़क भी लम्बे समय से खुदी पड़ी है। जबकि, इन दोनों ही सड़कों पर वाहनों का काफी दबाव रहता है। बनी पार्क में इन्दिरा नगर में भी सड़क का बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।


दिक्कत का कारण ये
—जलदाय विभाग ने पिछले एक वर्ष से शहर के कई हिस्सों में पेयजललाइन को डाला है। कुछ जगहों पर तो रोड कटिंग के जलदाय विभाग ने निगम और जेडीए में पैसे जमा करवा दिए और कुछ जगह ऐसी हैं जहां जलदाय विभाग ने रोड कट की अनुमति तो ले ली, लेकिन पैसा जमा नहीं करवाया। हालांकि, कई बार जलदाय विभाग एक साथ रोड कट का पैसा जमा करवाता है।
—निगम आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला देकर सड़कों को सही नहीं कर पा रहा है। वहीं, जेडीए के अधिकारी जल्द ही सड़कों के मरम्मत की बात कह रहे हैं। हालांकि, ऐसा पहली बार है कि दिवाली से 20 दिन पहले तक पेचवर्क तक शुरू नहीं किया गया है। आमतौर पर दिवाली से एक महीने पर पेचवर्क का काम शुरू हो जाता है।

बारिश से पहले बनाई सड़कें टूटी
—वैशाली नगर में नर्सरी सर्किल से 200 फुट बाइपास तक सड़क का निर्माण जेडीए ने बारिश से पहले कर दिया। यहां जलभराव होता है। बारिश के बाद सड़क जगह—जगह क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि, 200 फुट बाइपास की सर्विस रोड पर पानी निकास की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बरसात के दिनों में सड़कें खराब हो गईं और अब लोगों का निकलना दूभर हो गया है।
—निगम ने भी मानसरोवर, सांगानेर से लेकर परकोटा में कई सड़कों का निर्माण किया। इनमें से अधिकरत सड़कों पर पानी भरा और क्षतिग्रस्त हो गईं। अब इन सड़कों को पेचवर्क का इंतजार है।
—मुहाना मंडी रोड एक ओर पिछले एक साल से क्षतिग्रस्त है। पेयजललाइन डाले जाने का काम पूरा हो गया। लेकिन, अब तक सड़क का काम नहीं हुआ।

फैक्ट फाइल
—11000 किमी की सड़कों का रखरखाव करते हैं जेडीए और दोनों निगम
—4500 किमी की सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं बरसात की वजह से
—10 करोड़ रुपए से अधिक इनके पेच वर्क में होते हैं खर्च
—200 करोड़ रुपए की सड़कें बनाने में सालाना खर्च करता है जेडीए
—100 करोड़ रुपपए नगर निगम करते हैं सड़के बनाने में खर्च



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