जयपुर। अजमेर जिले में पुष्कर की दो होटलों से पिछले चार माह से फर्जी अन्तर्राष्ट्रीय कॉल सेन्टर चलाकर अमेरिका व आस्ट्रेलिया के नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इन्टेलिजेंस महानिदेशक उमेश मिश्रा व पुलिस महानिरीक्षक एस. सेंगाथिर के निर्देश पर मुख्यालय के निरीक्षक महेन्द्र शर्मा ने प्रशिक्षु आईपीएस सुमित मेहरड़ा व स्थानीय पुलिस टीम के साथ दबिश देकर बुधवार को 18 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से ठगी के काम में लिए जाने वाले 17 लेपटॉप, 19 मोबाइल, 12 हेडफोन, मॉडम, राउटर, व इलैक्ट्रोनिक सामान का जखीरा बरामद किया गया।
रैकी के बाद दबिश
जयपुर आईटी सेल को पुष्कर की होटलों में साइबर क्राइम करने वाले गिरोह की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व इन्टेलिजेन्स टीमों ने लोकेशन के आधार पर दो दिनों तक रैकी कर बुधवार तड़के तीन बजे बामदेव रोड स्थित द नेचर रिट्रीट रिसॉर्ट पर दबिश दी।
इनकी हुई गिरफ्तारी
कार्रवाई में रिसॉर्ट में ठहरे दिल्ली निवासी राहुल के साथ सेन्टर पर काम करने वाले दस आरोपियों को एक युवती के साथ गिरफ्तार किया गया। इनमें दिल्ली निवासी यश खन्ना(27), फ्रेन्डी किश्चयन(34), रवि कुमार चौधरी(30), अभिषेक मीना(22), राहुल जुल्लाह(33) व स्वाति ब्राह्मण(24), कोटा निवासी तुषार बरोदिया(20) व विकास सामरिया (27), नागौर-मकराना निवासी विकास पुरोहित(35) तथा गाजियाबाद यूपी निवासी कृष शुक्ला(20) को गिरफ्तार किया गया । सभी आरोपी स्वयं को अमेजन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विदेशियों से ठगी करते पाए गए।
नाला क्षेत्र से भी गोरखधंधा
इसी तरह नाला क्षेत्र की होटल रॉक्स एंड वुड रिसॉर्ट मे भी अन्तर्राष्ट्रीय फर्जी काल सेन्टर चलाते संचालक बिहार निवासी राहुल राज सहित आठ आरोपी पकड़े गए। इनमें महाराष्ट्र के आरएनपी पार्क बाहिन्द्र ईस्ट निवासी लक्ष्मण राउत(27), मुम्बई ईस्ट में त्रिवेणी काम्पलेक्स का रोहन यादव(23), मीरा रोड ईस्ट बालाजी होटल के पास निवासी बाबर शेख (20), गोरेगांव का कमल राठौड़(22), गुुजरात के आनन्द जिले के महेन्द्रशाह अपार्टमेन्ट के दर्शन दवे(28) के साथ अजमेर के प्रगति नगर कोटड़ा निवासी राहुल राज, कल्पवृक्ष मंदिर के पास लोहाखान पुलिस लाइन निवासी विनीत उर्फ विक्की व जवाहर नगर लोहागल रोड निवासी तेजदीप सहित आठ जने गिरफ्तार किए गए। सभी आरोपी स्वयं को इन्कम टैक्स अधिकारी बताकर आस्ट्रेलिया के नागरिकों को शिकार बनाते मिले।
सभी आरोपियों के खिलाफ पुष्कर थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 120 बी, एवं आईटी एक्ट की धारा 46, 65, 66सी, 66 डी में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आरोपियों से गहनता से पूछताछ जारी है।
बेरोजगारों को फांसकर कराते थे काम
जांच अधिकारी सुमित मेहरडा ने बताया की दोनों गिरोह के सरगना दसवीं-बारहवीं तक पढ़े बेरोजगार युवकों को रोजगार का झांसा देकर साइबर ठगी कराते थे। प्रति युवक 25 हजार रूपए प्रतिमाह के साथ ठगी जाने वाली रकम में से भी इंसेंटिव दिया जाता था। नाला क्षेत्र की होटल को ठगों ने 5 लाख रुपये में 1 साल के लिए स्थाई रूप से कॉन्ट्रेक्ट पर ले रखा था। वहीं बामदेव रोड की होटल को डेढ़ लाख रुपए मासिक दिया जाता था।
तीन थानों की टीमें जुटी
कॉल सेन्टर से ठग गिरोह को पकडऩे के लिए अजमेर जिले के पुष्कर थानाप्रभारी महावीर शर्मा, पीसांगन थानाधिकारी रामचन्द्र कुमावत, मांगलियावास थानाधिकारी सुनील बेड़ा के साथ उपनिरीक्षक मुकेश यादव, नरेन्द्र सिंह, पवन शर्मा, सरफराज दीवान शामिल रहे। इसके अलावा जयपुर के इन्टेलिजेन्स टीम में पुलिस निरीक्षक महेन्द्र शर्मा, उपनिरीक्षक गंगा सिंह गौड़, दीवान विजय खंडेलवाल, सिपाही राजेन्द्र तोगडा, व फिरोज भाटी के साथ अजमेर के निरीक्षक नरेन्द्र शर्मा, पुष्कर के सहायक उपनिरीक्षक शक्तिसिंह शामिल थे।
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