भवनेश गुप्ता
जयपुर। महंगी बिजली के अनुबंध निरस्त करने की तरफ बढ़ रहे उर्जा विकास निगम की एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पॉवर कार्पोरेशन) ने चिंता बढ़ा दी है। एनटीपीसी ने ऐसे ही अनुबंध निरस्त करने के दिल्ली सरकार के फैसले पर आपत्ति जता दी और अनुबंध जारी रखने के लिए दबाव बढ़ा दिया। ऐसा ही मामला राजस्थान का भी है। यहां एनटीपीसी के 252 मेगावाट के पांच बिजली से सालाना करीब 334 मिलियन यूनिट महंगी बिजली खरीद रहे है। इनके अनुबंध को 25 साल भी पूरे हो गए। इसी कारण निगम ने अनुबंध निरस्त करने का नोटिस जारी किया है।राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग भी इजाजत दे चुका है। दिल्ली में पनपे हालात के बाद अब उर्जा विकास निगम फूंक फूंक कर कदम बढ़ा रहा है। सभी कानूनी पहलुओं पर भी राय ली गई है। हालांकि, निगम अधिकारियों का दावा है कि मौजूदा प्रावधान और जरूरत के आधार पर एनटीपीसी अनुबंध निरस्त करने से मना नहीं कर सकता।
एनटीपीसी की दलील पर डिस्कॉम्स का दावा— बिजली आपूर्ति में नहीं होगी दिक्कत
केन्द्र सरकार के 22 मार्च 2021 के उस सर्कुलर का भी हवाला दिया गया है, जिसमें डिस्कॉम्स को ऐसे अनुबंध खत्म करने की छूट दी गई है। एनटीपीसी की तरफ से दलील दी गई कि विद्युत मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ताओं को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति के लिए डिस्कॉम्स के साथ पर्याप्त अनुबंध है या नहीं। इस पर डिस्कॉम्स ने दावा किया है कि 252 मेगावाट बिजली खरीद के अनुबंध खत्म करने के बाद भी उपभोक्ताओं की बिजली मांग आसानी से पूरी की जाती रहेगी।
ये हैं पावर प्लांट, जिनसे अनुबंध
पॉवर प्लांट——बिजली खरीद (मिलीयन यूनिट प्रतिवर्ष)——दर
अन्ता गैस, राजस्थान— 33.89 — 15.38
औरैया एनटीपीसी, उत्तरप्रदेश — 50.20 — 9.67
दादरी गैस, उत्तरप्रदेश— 127.48 — 5.41
फराक्का थर्मल पॉवर स्टेशन, पश्चिम बंगाल— 48.30 — 5.11
एफजीयूटीपीएस, उत्तरप्रदेश—74.26 — 5.22
(दर प्रति यूनिट है)
(1) इन चार प्लांट से 25 साल पूरे
-अन्ता गैस प्लांट— 31 जुलाई, 2015
-औरैया एनटीपीसी— 30 नवम्बर, 2015
-एफजीयूटीपीएस— 21 मार्च, 2014
-फराक्का थर्मल पॉवर स्टेशन— 31 मार्च, 2020
(2) इससे 3 माह बाद होंगे पूरे
-दादरी गैस प्लांट— 31 फरवरी 2022
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