शहर के कला फलक पर पिछले डेढ़ साल से भी अधिक समय से चल रही ऑनलाइन कार्यक्रमों की श्रंखला ‘नेट’ थिएट का मंच शनिवार को चित्रकला, संगीत और रंगमच के तीन नामी कलाकारों की उपस्थिति से रोशन रहा। इस मौके पर चित्रकार संजीव शर्मा, पार्श्व गायक रवीन्द्र उपाध्याय और रंगकर्मी डॉ. सालेहा गाजी ने एक-दूसरे कलात्मक आदान-प्रदान के जरिए संगीत ‘तिगुलबंदी’ जैसा नजारा जीवंत कर दिया। मौका था नेट थिएट की ओर से कार्यक्रम ‘रंग दर्पण’ के आयोजन का। कार्यक्रम के दौरान संजीव शर्मा ने रवीन्द्र उपाध्याय का हूबहू चित्र बनाकर ‘लाइव डेमोस्ट्रेशन’ विधा में भी अपनी मजबूत पकड़ की अनुभूति करवाई। शो के दौरान प्रतिभा शर्मा भी दर्शकों से रूबरू हुई। प्रतिभा शिक्षाविद् होने के साथ एक अच्छी शायरा भी हैं। उन्होंने इस मौके पर अपनी एक रचना "बरसों से खामोश कलम" सुनाकर दर्शकों की दाद बटोरी।
यह भी पढ़ें: राजस्थान में आज 22 मरीजों की कोरोना से मौत
डॉ. सालेहा गाजी ने जीवंत किया कलात्मक सफर
कार्यक्रम की शुरूआत में जानी-मानी उद्घोषक और रंगकर्मी डॉ. सालेहा गाजी ने संजीव शर्मा से उनके कलात्मक सफर पर विभिन्न रोचक सवालों के जरिए बात की। संजीव ने कहा चित्रकला के संस्कार उनको अपनी माता से मिले। बचपन से रंगों से दोस्ती हो गई और उनके साथ खेलता खेलता कब बडा हो गया पता ही नहीं चला। नेट थिएट के संयोजक अनिल मारवाड़ी और राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से भी अधिक समय से चल रही नेट थिएट की साप्ताहिक श्रंखला में यह पहला मौका था जब कार्यक्रम में चित्रकला, संगीत और रंगमंच की तीन हस्तियों ने एक साथ शिरकत कर इस श्रंखला को नए आयाम दिए।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/IumqaSior
https://ift.tt/4h7DgLXjO
एक टिप्पणी भेजें