इलेक्ट्रिक वाहन रिचार्ज स्टेशन के लिए सेस में छूट की तैयारी


जयपुर। राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रिचार्ज विद्युत दर तय करने के बाद अब सेस में छूट देने की भी कवायद की जा रही है। इनमें इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, जल संरक्षण उपकर व अरबन सेस शामिल है। इन वाहनों के लिए रिचार्ज स्टेशन लगाने वालों को राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम यह छूट मिल सकती है। हालांकि, यह निर्भर करेगा कि ऐसे उपभोक्ता रिचार्ज स्टेशन में कितना निवेश करेगा। परिवहन विभाग की ओर से तैयार की जा रही ई-वाहन पॉलिसी में इसे शामिल करने पर मंथन किया जा रहा है। अभी तक रिचार्ज करने (निर्धारित रिचार्ज स्टेशन) के लिए 6 रुपए प्रति यूनिट बिजली दर तय है। स्थाई शुल्क 135 रुपए से घटाकर 40 रुपए प्रति माह किया गया है।

अभी बिजली के बिल में ये लिए जा रहे रहे सरचार्ज
1. अरबन सेस : शहरी उपभोक्ता से 15 पैसे प्रति यूनिट।
2. इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी: सभी उपभोक्ताओं से 40 पैसे प्रति यूनिट।
3. जल संरक्षण उपकर : 10 पैसे प्रति यूनिट वसूल रहे। ग्रामीण उपभोक्ता इसमें शामिल नहीं।
(इनमें छूट चाह रहे। सरकार पर निर्भर करेगा कि वह पूर्ण छूट या कम)

यह सहुलियत दी गई
पहली बार टाइम ऑफ डे (टीओडी) व्यवस्था लागू की गई है, यानि चार्जिंग स्टेशन पर रात में वाहन चार्ज करते हैं तो बिजली उपभोग दर में 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। यह समय रात 11 से सुबह छह बजे तक है। रात में अतिरिक्त बिजली होने के कारण टीओडी व्यवस्था लागू की गई है।

6.21 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में
सरकार की वर्ष 2030 तक सड़कों पर 100 फीसदी ई-वाहन होने का लक्ष्य निर्धारित किया। नीति आयोग की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है। देश में बिकने वाली ई-वाहन में से 6.21 प्रतिशत राजस्थान का हिस्सा है।

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी होंगे स्मार्ट मीटर लैस
राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग चार्जिंग स्टेशन के लिए तीन व्यावसायिक मॉडल को अनुमति दे चुका है। इसमें स्वामित्व वाले चार्जिंग स्टेशन के अलावा डिस्कॉम भी चार्जिंग स्टेशन लगा सकेंगे। वहीं, पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप के तहत भी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। खास यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों से ग्रिड को बिजली सप्लाई की संभावना भी तलाशी जाएगी। इसके लिए विस्तृत अध्ययन होगा।

सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन के लिए प्रोत्साहन
-ऐसे स्टेशन को ओपन एक्सेस के माध्यम से किसी भी स्त्रोत से बिजली खरीद की अनुमति होगी।
-स्टेशन वितरण लाइसेंसधारी को सूचित करते हुए बैटरी स्वेपिंग स्टेशन स्थापित कर सकेगा।
-रूफ टॉप सौर पैनल सुविधा के साथ भी स्टेशन संचालित किए जा सकेंगे।
-रिन्यूएबल एनर्जी टेरिफ रेगुलेशन, 2020 के अनुसार 31 मार्च 2023 से पहले लगाए गए सोलर पॉवर प्रोजेक्ट द्वारा कैप्टिव रूट के तहत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली की आपूर्ति के लिए प्रसारण प्रभारी और व्हीलिंग प्रभार में 100 फीसदी छूट मिलेगी।



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