जयपुर. कोरोना के बाद से मदरसा तालीम काफी खस्ताहाल हो चुकी है। दूसरी ओर सरकारी पंजीकृत मदरसों के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं का भी ठीक से क्रियानवन नहीं हो रहा है। हालात ये है कि बजट 2021-22 के तहत मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को भी अधिकारी अमलीजामा नहीं पहना पाए। दरअसल, बजट 2021-22 के तहत मदरसों में कम्प्यूटर-फर्नीचर जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्राी मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत 25 करोड़ रूपए की घोषणा की गई थी। घोषणा को 11 माह गुजरने के बावजूद भी मदरसा बोर्ड को इस योजना का बजट नहीं मिला है।
मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने बजट 2021-22 के दौरान प्रदेश के 3256 मदरसों के लिए कोई घोषणा नहीं की थी। जिसके बाद मुस्लिम संगठनों की ओर से नाराजगी जताई गई। इसके बाद विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयकों पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्राी मदरसा आधुनिकीकरण योजना' के अंतर्गत 25 करोड़ रूपए देने की घोषणा की थी।
मदरसा बोर्ड के स्तर पर भी लेट लतीफी हुई। बाद में वित्त विभाग की ओर से कुछ आपत्ति आई। ऐसे में अब तक 25 करोड़ रूपए का बजट नहीं मिल पाया। उम्मीद है जल्द ही योजना का पैसा मदरसा बोर्ड को मिल जाएगा।
जमील कुरैशी
निदेशक, अल्पसंख्यक मामलात विभाग
इधर, मदरसा सुविधा अनुदान योजना की भी मॉनिटरिंग नहीं
वहीं मदरसों में शैक्षिणिक और भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मदरसा संचालकों को 'मदरसा सुविधा अनुदान' के तहत प्राथमिक को 5000 और उच्च प्राथमिक मदरसों को 12000 रूपए देने की योजना है। ये योजना भी अफसरों की उदासीनता के चलते खटाई में जाती दिख रही है। हालात ये हैं कि राजधानी जयपुर में बजट सत्र 2019-20 में मिलने वाले अनुदान को भी दो साल बीत जाने पर भी केवल 132 मदरसों को ही अनुदान दिया गया है। लेट लतीफी का आलम ये है कि जिला अल्पसंख्यक कार्यालय की ओर से ये पैसा पिछले 5 महीनों में ही दिया गया है। मदरसा बोर्ड की ओर से इस योजना के तहत आई धनराधि में व्यय की कोई मोनिटरिंग नहीं है।
नाहरी का नाका स्थित मदरसा जामिया तैय्यबा मैमोरियल स्कूल के सचिव कारी मोहम्मद इस्हाक ने बताया कि 2018 के बाद से उनके मदरसे को कागजी कार्यवाही के बावजूद सुविधा अनुदान के तहत 12000 रूपए नहीं दिए गए। इसी तरह भट्टा बस्ती स्थित मदरसा तालीमुल इस्लाम हनफिया की नौशाद बानों भी लम्बे समय से इस अनुदान के लिए भटक रही हैं।
अब तक कितना पैसा दिया- 'पता नहीं'...
मदरसा सुविधा अनुदान योजना के तहत दिसम्बर 2020 में ही हमने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पैसा पहुंचा दिया था, उनकी ओर से मदरसा संचालकों को बांटने में ढिलाई बरती गई है। 188 लाख रूपए की इस योजना का कितना पैसा बचा हुआ है। ये जानकारी जिला अधिकारियों से मांग रहे हैं।
हरिताभ कुमार आदित्य
सचिव, राजस्थान मदरसा बोर्ड
( फाइल फोटो )
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