आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हुआ आयोजित
मासिक अदबी गोष्ठी आयोजित
जयपुर। राजस्थान सिंधी अकादमी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सोमवार को अकादमी कार्यालय में 'आजादीअ जा शैदाई शहीद हेमूं कालाणी ऐं पदमश्री दादा हून्दराज दुखायल Ó विषय पर मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.खेमचंद गोकलानी ने की। गोष्ठी में वक्ताओं ने आजादी के आंदोलन में अमर शहीद हेमूं कालाणी के बाल्यकाल में देश के लिए किए गए बलिदान और उनकी राष्ट्रभक्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। पदमश्री दादा हून्दराज दुखालय के बारे में बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी की सिन्ध यात्रा से प्रेरणा पाकर उन्होंने देश के स्वाधीनता आन्दोलन के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। दादा दुखायल के आजादी आन्दोलन में किए गए प्रयासों, साहित्य और लोक कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए केंद्र सरकार की ओर से पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साहित्यकारों में जोधपुर के वरिष्ठ रंगकर्मी हरीश देवनानी, अजमेर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.हासो दादलानी, जयपुर की साहित्यकारा डॉ. गायत्री, टीआर शर्मा, वासुदेव मोटवानी, हेमनदास, हर्षा पंजाबी आदि ने हेमू कालाणी और हून्दराज दुखायल के योगदान को समर्पित काव्यपाठ और रचनापाठ किया।
गोष्ठी में सुरेश सिन्धु, रमेश रंगानी, वीना प्रियदर्शना, पूजा चांदवानी, रोमा चांदवानी, पार्वती भागवानी, नन्दिनी पंजवानी, गोपाल, डीण्डीण्ईसरानी, महेश किशनानी, हेमा मलानी, वंदिता आहूजा, नमीषा खेमनानी, अनुष्का रंगानी और सिन्धी भाषी साहित्यकार, अकादमी के पूर्व सदस्य और समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मंच संचालन वासुदेव मोटवानी ने किया। गोष्ठी के अन्त में स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान देने वाले देश के समस्त वीर.सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/xJygYeA3m
https://ift.tt/hog3bqHtG
إرسال تعليق