ग्रेटर नगर निगम में बना अजब संयोग...जानिए के लिए पढ़िए पूरी खबर

241 दिन के अंतराल के बाद सौम्या गुर्जर ने एक बार फिर महापौर की कुर्सी संभाली है। लेकिन उनके कुर्सी संभालते ही करीब 8 महीने पुराना वही संयोग बन रहा है, जिसकी वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

दरअसल बीवीजी कंपनी को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में नगर निगम ग्रेटर अब कंपनी का ठेका निरस्त कर सकेगा। इसी बीवीजी कंपनी के भुगतान और सफाई की वैकल्पिक इंतजाम के मुद्दे पर ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर और कमिश्नर यज्ञ मित्र सिंह के बीच विवाद हुआ था। जिसके चलते राज्य सरकार ने मामले में दोषी मानते हुए महापौर और तीन पार्षदों को तुरंत प्रभाव से पद से निलंबित करने का आदेश जारी किया था। अब फिर वही संयोग बना है। एक बार फिर कोर्ट ने बीवीजी की याचिका को खारिज कर दिया है। ऐसे में फिर कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाने में टकराव की स्थिति बन सकती है।

निगम के पास संसाधन नहीं, कैसे होंगे इंतजाम

कोर्ट के आदेश की कॉपी को निगम को इंतजार है। आदेश की कॉपी आने के बाद आगे निर्णय किया जाएगा। हालांकि वर्तमान हालातों में निगम के पास सफाई व्यवस्था के वैकल्पिक इंतजाम नहीं हैं। निगम के पास घर—घर कचरा संग्रहण के लिए पूरे हूपर नहीं हैं। हर वार्ड में अगर दो हूपर भी दिए जाएं तो 150 वार्डों के हिसाब से 300 हूपर चाहिए, मगर निगम के पास केवल 135 हूपर ही हैं। इसी तरह जेसीबी, डम्पर सहित अन्य संसाधनों का भी अभाव है। यही नहीं कर्मचारी भी कम हैं।



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