जयपुर. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा के महाराणा प्रताप और अकबर पर दिए गए बयान पर भाजपा सामने हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा। राजे ने लिखा कि— महाराणा प्रताप और अकबर के संघर्ष को सिर्फ़ सत्ता की लड़ाई बताकर कांग्रेस ने मेवाड़ के स्वाभिमानी इतिहास को ललकारा है। महाराणा प्रताप ने आजीवन मातृभूमि की रक्षा का संकल्प जारी रखा।अकबर के साथ महाराणा का युद्ध सत्ता संघर्ष नहीं, बल्कि राष्ट्र सुरक्षा का संघर्ष था। उन्होंने मेवाड़ के स्वाभिमान की खातिर जंगलों में घास की रोटियां तक खाई। ऐसे पराक्रमी योद्धा के अपमान पर कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगनी चाहिए।
'दागी डोटासरा के लिए महाराणा प्रताप को समझाना मुश्किल'— शेखावत
भाजपा नेता राजपाल सिंह शेखावत ने भी डोटासरा के बयान पलटवार किया।शेखावत ने बयान जारी किया कि स्वाभिमान, आत्मसम्मान, आदिवासी प्रजा व राष्ट्र के रक्षण के सामने महाराणा प्रताप अपने प्राणों को तुच्छ समझते थे। उनका चरित्र, जीवन व कर्म प्रेरक एवं आकर्षक है। भ्रष्टाचार में डूबे, मूल्यविहीन व दागी डोटासरा के लिए ऐसे महान व्यक्तित्व को समझना मुश्किल है। डोटासरा का खुद का कोई चरित्र नहीं है।
डोटासरा का बयान कांग्रेस की सत्ता की भूख और देश तोडने वाली दूषित मानसिकता का परिचायक है- अलका गुर्जर
भाजपा की राष्ट्रीय मंत्रीअलका गुर्जर ने डोटासरा के महाराणा प्रताप पर दिए बयान की भर्त्सना करते हुए कहा कि— डोटासरा का बयान कांग्रेस की सत्ता की भूख और देश तोडने वाली दूषित मानसिकता का ही परिचायक है। गुर्जर ने भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली से एक बयान जारी कर कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्रवादी सोच के साथ जनता के लिए संघर्ष करने वाले पहले व्यक्ति थे। अनर्गल बयान गोविंद डोटासरा के साथ संलग्न दूषित कांग्रेसी मानसिकता को हमेशा की तरह सामने लाया है।
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