मिड डे मील: स्टूडेंट्स को गर्म मिड डे मील देने से पहले होगा स्कूलों का निरीक्षण

मिड डे मील: स्टूडेंट्स को गर्म मिड डे मील देने से पहले होगा स्कूलों का निरीक्षण
अधिकारियों को करना होगा प्रदेश के20 फीसदी स्कूलों का औचक निरीक्षण
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
जयपुर।
राज्य में मिड डे मील योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। 9 मार्च से स्कूलों मे पोषाहार उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई है लेकिन इससे पहले दो और तीन मार्च को प्रशासनिक और शिक्षा अधिकारियों को राज्य के तकरीबन 20 फीसदी स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके गोयल ने प्रदेश के जिला कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि कोविड के कारण स्कूलों में गर्म मिड डे मील की जगह कॉम्बो पैक और खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। ऐसे में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हर जिले के न्यूनतम 20 फीसदी स्कूलों का रेंडमली चयन कर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे स्कूलों का चयन कर प्राथमिकता देनी होगी जहां दो साल में एक बार भी निरीक्षण नहीं हुआ है। जिला कलेक्टर की ओर से निरीक्षण दलों का गठन किया जाएगा। निरीक्षण में यह देखना होगा कि कुक कम हेल्पर का मानदेय भुगतान हुआ है या नहीं। निरीक्षण दलों को सात मार्च तक अपनी रिपोर्ट मिड डे मील आयुक्तालय को भेजनी होगी।
यह अधिकारी करेंगे निरीक्षण
अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद,अति मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, विकास अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी, अन्य खंड स्तरीय अधिकारी और कार्मिकों को जरूरत के मुताबिक शामिल किया जा सकेगा। जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय और ब्लॉक स्तर पर मुख्य ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी निरीक्षण दलों को दो और तीन माच्र को संक्षिप्त ब्रीफिंग कार्यकम का आयोजन होगा जिसमें उन्हें निरीक्षण प्रपत्र, निरीक्षण किए जाने वाले स्कूलों की सूची और अन्य जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।
इनका कहना है
9 मार्च से स्कूलों में मिड डे मील का वितरण फिर से शुरू किया जाएगा। इससे पूर्व दो और तीन मार्च को स्कूलों का औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जिससे स्कूलों में मिड डे मील के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। अगर कही कोई कमी है तो उसे समय से दूर किया जा सके।
पीके गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव
शिक्षा विभाग।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/La7oH2E
https://ift.tt/oGMjmO2

Post a Comment

أحدث أقدم