जयपुर.
कोरोना के कारण बीते दो वर्ष से ठहरी हुई शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स को नए पर्यटन सीजन से फिर से संचालित करने की तैयारियां तेजी से राजस्थान पर्यटन निगम के अधिकारी कर रहे हैं। ट्रेन को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की योजना पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। ट्रेन का संचालन फिर से सफलता से कैसे हो इसे लेकर राजस्थान पर्यटन निगम की प्रबंध निदेशक मनीषा अरोड़ा ने शुक्रवार को पीडीकोर, आरटीडीसी के अफसरों के साथ सभी विकल्पों पर चार घंटे तक मंथन किया। बैठक में पीडीकोर की ओर से दिए गए तीन विकल्पों को लेकर कुछ कमियां व आपत्तियां सामने आई। जिनके संबंध में अतिरिक्त जानकारियां आगामी 15 दिनों में देने के निर्देश पीडीकोर को देने के आदेश दिए गए। जिससे ट्रेन के संचालन को लेकर सामने आए सभी विकल्पों का एजेंडा बना कर जल्द होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जा सके। बैठक से जुडे़ सूत्रों के अनुसार पीडीकोर ने ट्रेन को आरटीडीसी के स्तर पर, पीपीपी मॉडल पर और कुछ सेवाओं को आउटसोर्स कर इसके संचालन के तीन विकल्प दिए हैं।
सात की जगह ट्रेन दस महीने चलाने पर भी विचार
अभी तक ट्रेन को सितंबर से लेकर 31 मार्च तक यानी सात महीने चलाया जाता था। लेकिन इसे दस महीने तक चलाने पर भी मंथन हुआ। मार्च के बाद ऑफ सीजन में देसी पर्यटकों के लिए भी ट्रेन को चलाया जा सकता है।
ये सामने आए तीन विकल्प
- आरटीडीसी स्वयं ही ब्रेक इनव के आधार पर ट्रेन का संचालन करे। प्रति सप्ताह ट्रेन का संचालन तब ही किया जाए जब पर्याप्त बुकिंग हों और हॉलेज चार्ज के 63 लाख रुपए व आरटीडीसी के खर्चे निकल जाएं।
पीपीपी मॉडल- ट्रेन का संचालन निजी हाथों में दिया जाए। संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संचालनकर्ता की हो। उसके नफा-नुकसान के बाद भी विभाग को तय राशि मिलती रहे।
- जारी हो ईओआइ- ट्रेन जहां है, जैसी है के लिए ईओआइ यानी एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया जाए। जो प्रतिमाह या प्रतिवर्ष सबसे ज्यादा राशि आरटीडीसी को देने का प्रस्ताव दे उसे ट्रेन का संचालन सौंपा जाए।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/wLkBhR3
https://ift.tt/vzmLbIu
إرسال تعليق