बृजमोहन आचार्य
बीकानेर. किसी के घर में शादी हो या फिर पुत्र जन्म हुआ हो। साथ ही कोई खुशी का मौका हो। बधाई गाने देश के अन्य हिस्सों की तरह बीकानेर का किन्नर समाज भी लोगों के घरों तक पहुंचता है। यह तो सामान्य बात हुई। लेकिन यहां का किन्नर समाज बधाई गाने-नाचने की एवज में रकम मिलने के साथ दुआएं तो लुटाता ही है, साथ ही जब मौका पड़ता है, तो नई लकीर खींचने की भी कोशिश करता है।कोरोना काल में अपने सेवा भाव, अस्पतालों में पानी की व्यवस्था जैसे कार्यों से पहले भी चर्चित रहे बीकानेर के किन्नर समाज ने अब एक नई सामाजिक पहल की है। गरीब घरों की लड़कियों के हाथ पीले करने (विवाह कराने का) का बीड़ा उठा कर यहां के किन्नर समाज ने पूरे देश में एक नई नजीर पेश की है। फिलहाल शुरुआत उसने 22 अप्रेल को दो लड़कियों की शादी कराने का जिम्मा उठा कर की है। भविष्य में भी वह ऐसी पहल को विस्तार देंगे, ऐसा दृढ़ निश्चय इस समाज ने दर्शाया है।
सारा खर्च उठाएंगे
लड़कियों की शादी का सारा खर्चा किन्नर समाज उठाएगा और अपनी तरफ से बर्तन, कपड़े तथा अन्य सामान भी देकर दो लड़कियों को विदा करेगा। यह लड़कियां यहां गोपेश्वर बस्ती स्थित कुम्हारों की मोड़ पर रहती हैं। इन लड़कियों की शादी 22 अप्रेल को निर्धारित की गई है। इन बच्चियों के सिर पर पिता का साया नहीं है और उनकी मां ही अपनी सात लड़कियों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। गरीब परिवार होने के कारण शादी करने में दिक्कत आ रही थी। जब लड़कियाें की शादी की जानकारी किन्नर समाज को मिली, तो यह समाज आगे आया और सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली।
...एक की बारात बीकानेर, दूसरे की सुजानदेसर से आएगी
बीकानेर किन्नर समाज की अध्यक्ष मुस्कान बाई अग्रवाल ने बताया कि एक मां के कंधों पर सात बेटियों की जिम्मेदारी निभाना बहुत बड़ी बात है। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो वह बेटियों की शादी कराने के लिए आगे आईं। उनके घर गईं और मां से बातचीत की। सात बहनों में से दो बहनों की शादी की जिम्मेदारी ली है। एक लड़की की बारात सुजानदेसर से तथा एक की बारात बीकानेर से आएगी।
22 अप्रेल को दोनों लड़कियों की शादी
कुम्हार समाज की इन दोनों लड़कियों की शादी 22 अप्रेल को तय की गई है। मुस्कान बाई अग्रवाल ने बताया कि शादी में बर्तन, कपड़े तथा अन्य खर्चा किन्नर समाज ही उठाएगा। इसके लिए चाहे कितना ही खर्चा आएगा समाज पीछे नहीं हटेगा। दुआएं तो झोलियां भर-भर कर लुटाएगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने गुरु रजनीबाई अग्रवाल से ही सीखा है गरीब की सेवा करना ही मुख्य धर्म है। रजनी बाई ने भी सैंकड़ों गरीब परिवारों का पालन पोषण किया था। गरीब बहनों की शादियां कराने के अलावा राम मंदिर निर्माण से लेकर अस्पताल तक हमेशा सहयोग किया। घर पर आए किसी मांगने वाले को खाली नहीं भेजा, दर्जनों गरीबों का इलाज करवाया।
शादी की रस्में शुरू
मुस्कान बाई ने बताया कि 22 अप्रेल को होने वाली शादी के लिए सोमवार से रस्म शुरू हो गई है। हाथदान की रस्म उन्होंने तथा उनके साथ अन्य किन्नर ने निभाई है। शादी ऐसे करेंगे की हर कोई इसकी तारीफ करेगा।
अन्य सेवा कार्य भी
किन्नर समाज की अध्यक्ष मुस्कान बाई ने बताया कि नहर बंदी के दौरान पीबीएम अस्पताल में भी लाखों लीटर पानी की व्यवस्था कराई जाती है। मुस्कान बाई के साथ चंदा बाई, जल परी, कोमल, लता बाई जैन, तनु बाई, प्रिया बाई, मोहिनी बाई, समोहिनी आदि किन्नर भी समाजसेवा कार्य में जुड़ी हुई हैं।
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