भूखंड बेच करोड़ों कमाए, सुविधा के नाम पर शून्य

चेतराम ज्याणी
लूणकरनसर. बीकानेर जिले में ङ्क्षसचित उपनिवेशन क्षेत्र में बीकानेर मण्डी विकास समिति प्रशासन के अधीन प्लान के तहत काटी गई आवासीय कॉलोनियों में सरकार की ओर से नीलामी के माध्यम से आवासीय व वाणिज्यिक भूखण्ड बेचकर करोड़ों रुपए कमाए है लेकिन यहां के वाशिन्दों को सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बजट खर्च करने में कंजूसी दिखाई जा रही है। राज्य सरकार व मण्डी प्रशासन की अनदेखी के चलते सुविधाओं के अभाव में भूखण्ड खरीद करने वाले लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। लूणकरनसर की आवासीय कॉलोनी उपेक्षा का शिकार बनी हुई तथा यहां पर सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर अतिक्रमण किया जा रहा है।


मण्डी विकास समिति की आवासीय कॉलोनी में प्रशासन द्वारा राजस्व बढ़ाने के लिए नीलामी के माध्यम से अधिकांश भूखण्डों का आवंटन कर करोड़ों रुपयों से सरकारी खजाना तो भर लिया है लेकिन मण्डी की आवासीय कॉलोनी में निवास करने वाले लोगों की सुविधाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


सड़कें गड्ढों में तब्दील
लूणकरनसर मण्डी कॉलोनी क्षेत्र में आधे सेक्टरों में 15-20 साल पूर्व में बनी सड़कें गड्ढ़ों में बदल गई है तथा डामर गायब होने ग्रेवल दिखाई देने लगी है। इसके अलावा पानी व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं लोग अपने स्तर पर जुटाने को विवश है। यहां कॉलोनी में जल निकासी, नई सड़कों के निर्माण, गलियों में रोशनी, पार्कों का विकास ऐसी सुविधाओं की बात करना भी बेमानी है।

सार्वजनिक स्थलों व भूखंडों पर अतिक्रमण
मण्डी कॉलोनी में बनाए गए प्लान को देखते हुए यहां लोग प्लॉट खरीदने को लालायित रहते हैं तथा सैकड़ों लोगों ने आवास भी बना लिए है लेकिन मण्डी कॉलोनी में सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़े गए पार्क, बाजार, सामुदायिक भवन, सड़कों समेत विभिन्न जगह पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके अलावा सार-संभाल नहीं होने से कीकर, झाडिय़ों आदि उगने से जंगल को रूप नजर आने लगा है। मण्डी क्षेत्र के सेक्टर-5 में अवैध खनन होने से 150-200 फीट गहरे गड्ढे बन गए है। वही सेक्टर-4 के बड़े पार्क व बिना नीलामी के भूखण्डों पर अतिक्रमण हो रखा है। मण्डी प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भूमाफिया के हौंसले बुलंद है।


कारखाने व गोदाम से लोगों को परेशानी
मण्डी की कॉलोनी में अधिकांश भूखण्डों पर लोग व्यावसायिक उपयोग के लिए कारखाने बना रखे है। सेक्टर-4 में कारखाने लगने से लोगों की जान सांसत में है। आवासीय कॉलोनी में कारखाने चलने से ध्वनि व वायु प्रदूषण से भी लोगों को परेशानी है।


सरकार नहीं दे रही कार्यों की स्वीकृति
लूणकरनसर मण्डी क्षेत्र में सार्वजनिक नीलामी के तहत 2019-20 में भूखण्डों को बेचकर 560 लाख व 2020-21 में 239 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त किया। वही 2016-17 में 7.87 लाख रुपए के भूखण्ड बेचे। जबकि 2013 से 2015-16 व 2017-18 व 2018-19 में नीलामी नहीं करवाई गई। लूणकरनसर मण्डी की आवासीय कॉलोनी में विकास कार्यों के लिए मण्डी प्रशासन द्वारा 612.34 लाख के प्रस्ताव भिजवाए गए है लेकिन सरकार मण्डी समिति की आवासीय कॉलोनी के लिए राज्य सरकार बजट नहीं दे रही है जिससे लोग सुविधाओं को तरस रहे हैं।


उपनिवेशन की ये आठ मण्डियां
जिले के उपनिवेशन क्षेत्र में लूणकरनसर, खाजूवाला, पूगल, छतरगढ़, दंतौर, गौड़ू, बज्जू व आरडी 465 की आठ मण्डियां है। वर्ष 1976 में प्लान के तहत इन मण्डियां में आवासीय व वाणिज्यिक भूखण्ड बेचकर विकसित की योजना बनाई गई। इन में लूणकरनसर मण्डी राजस्व के हिसाब से नंबर एक पर होने के बावजूद सुविधाएं नहीं मिल रही है।


विकास के नाम पर एक करोड़ 52 लाख दिए
राज्य सरकार ने मण्डी विकास समिति प्रशासन के अधीन उपनिवेशन क्षेत्र की आठ मण्डियों में विकास कार्य करवाने के नाम पर कंजूसी की हद पार कर दी। बीते चार साल में मात्र एक करोड़ 52 लाख का बजट दिया है। इसमें वर्ष 2018-19 में 34 लाख, 2019-20 में 40 लाख, 2020-21 में 46 लाख व 2021-22 में 32 लाख रुपए दिए। इन चार सालों में लूणकरनसर मण्डी की आवासीय कॉलोनी में मात्र से एक पार्क निर्माण करवाकर उसके चारों ओर सड़क बनाई है।


अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई होगी व बजट के प्रस्ताव भिजवाए
&लूणकरनसर मण्डी में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान मण्डी विकास समिति में नायब तहसीलदार का पद रिक्त चलने से ठप था। अब नायब तहसीलदार आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। लूणकरनसर मण्डी में विकास को लेकर प्रस्ताव बनवाकर राज्य सरकार को भिजवाए है। बजट की स्वीकृति मिलने पर विकास कार्य करवाए जाएंगे।
सविना बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं सचिव मण्डी विकास समिति, बीकानेर



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