RAJASTHAN JAL JEEVAN MISSION--गांवों में सिर्फ रसूखदारों के घर लग रहे हैं सरकारी नल—अन्य लोगों को नल की जगह इंतजार

जयपुर.

प्रदेश की गांव ढाणियों में रह रहे सभी लोगों को नल के जरिए पानी उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया गया था। लेकिन जयपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र में पीएचईडी इंजीनियरों ने जल जीवन मिशन को रसूखदारों के घर सबसे पहले पानी पहुंचाने का मिशन बना कर रख दिया है। क्षेत्र के गांव-ढाणियों में रह रहे लोगों की पीड़ा है कि इंजीनियरों को सिर्फ रसूखदारों के घर लाइन बिछाने और जल कनेक्शन जारी करने की चिंता है। जबकि हजारों लोग अपने घरों तक पाइप लाइन बिछने और जल कनेक्शन होने का इंतजार कर रहे हैं।

जारी ही नहीं किए जल कनेक्शन

जल जीवन मिशन में पाइप लाइन बिछाने और जल कनेक्शन में भेदभाव की शिकायत मिलने पर पत्रिका ने कई गांव-ढाणियों के लोगों से बात की तो इंजीनियरों व रसूखदारों के गठजोड़ के गणित की तस्वीर सामने आई। इंजीनियरों ने किसी ढाणी में पहले रसूखदार लोगों के घर पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई। वहीं कई जगह रसूखदारों के प्रभाव में इंजीनियर जल कनेक्शन ही जारी नहीं कर रहे हैं।

नलकूपों में पाइप डालने में भी भ्रष्टाचार

जयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों की बात करें तो जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार होने की चर्चा जमवारामगढ क्षेत्र की हो रही है। जल भवन के इंजीनियरों के अनुसार क्षेत्र में मिशन के तहत खोदे गए नलकूपों में कम मोटाई के पाइप डाल कर भ्रष्टाचार किया गया। मामले की सूचना आला अफसरों को भी दी गई लेकिन शिकायत को दबा दिया गया।

मंत्री ने भी नहीं की सुनवाई

लोगों ने पत्रिका को बताया कि जमवारामगढ़ क्षेत्र में मिशन के तहत हो रही गड़बड़ियों को लेकर जलदाय मंत्री महेश जोशी से भी मिले। लेकिन जोशी ने लोगों की परिवेदनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब परेशान लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं।

‘इंजीनियर कहते हैं जो चल रहा चलने दो’

मिशन के तहत जल कनेक्शन का इंतजार कर रहे थे। पता चला कि इंजीनियरों ने ढाणी के कुछ घरों को छोड़ रसूखदारों के घर के सामने लाइन बिछा दी। हम आज भी जल कनेक्शन के लिए लाइन बिछने का इंतजार कर रहे हैं।

- हनुमान सहाय शर्मा, निवासी-ढाणी जाल फाला

भानपुर कलां

इंजीनियर रसूखदारों के इशारे पर काम कर रहे हैं। रसूखदारों के चार कनेक्शन पहले किए गए हैं। लेकिन इंजीनियर रसूखदारों के इशारे पर शेष कनेक्शनों को रोक कर बैठे हैं। जेईएन,एईएन व एक्सईएन से बात की तो एक ही जवाब मिला कि जो चल रहा है चलने दो।

- मूलचंद शर्मा, जीवाला की ढाणी जमवारामगढ



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