बीकानेर. नगर स्थापना दिवस पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर तैयारियां चल रही है। शहर के गली-मौहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों और कॉलोनी क्षेत्रों तक में िस्थत पतंग-मांझों की दुकानों पर खरीदारी चल रही है। शहर के आकाश में रंग बिरंगी पतंगे उड़नी शुरु हो गई है। स्थापना दिवस पर घरों की छतों पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर बच्चों से बुजुर्ग तक तैयारियों में जुट गए है। पतंगबाजी के दौरान प्रतिद्वंदी पतंगबाजों से पतंगों के पेच लड़ाने और काटने की तैयारियां चल रही है। आखाबाजी व आखातीज के दिन सुबह से शाम तक होने वाली पतंगबाजी के साथ-साथ खान-पान के चलने वाले दौर की भी तैयारियां चल रही है।
पेच काटने की होगी होड
घरों की छतों पर होने वाली पतंगबाजी के दौरान हर साल पतंगों के पेच लडाने के लिए आस-पास के घरों की छतों पर मौजूद पतंगबाज होते है। हर घर की छत पर बच्चों से बुजुर्गो तक की मंडलिया मौजूद रहती है। दिन भर पतंगबाजी का दौर चलता है। पेच काटने और कटवाने का दौर चलता रहता है। पेच काटने के दौरान गूंजने वाले बोई काट्या है फेर उड़ा के स्वर गूंजते रहते है।
टैंट, माइक और खान-पान की तैयारियां
स्थापना दिवस पर होने वाली पतंगबाजी के दौरान पतंगबाज भीषण गर्मी के बावजूद जमकर पतंगबाजी करेंगे। घरों की छतों पर होने वाली पतंगबाजी के लिए धूप से बचाव के लिए टैंट लगाए जा रहे है। वहीं पतंगबाजी के साथ-साथ गीतों की गूंज और प्रतिद्वंदी की पतंग काटने पर बोले जाने वाले पारम्परिक स्वरों के लिए माइक की भी व्यवस्था की जा रही है। पतंगबाजी के साथ खान पान के भी दौर चलते रहे इसके लिए नींबू शिकंजी, दूध-दही लस्सी, गन्ना रस, बील, विभिन्न प्रकार के शर्बत, इमली ज्यूस, मिठाईयां व नमकीन आदि के दौर चलेंगे।
पतंग-मांझों की खरीदारी
नगर स्थापना दिवस पर होने वाली पतंगबाजी को लेकर शहर में पतंग-मांझों की दुकानों पर खरीदारी शुरु हो गई है। सुबह से रात तक पतंग-मांझों की बिक्री हो रही है। बच्चों से बुजुर्ग तक पतंग मांझे खरीद रहे है। स्थापना दिवस को लेकर पतंगबाजी का दौर भी शुरु हो गया है। अगले तीन दिनों तक जमकर पतंगबाजी होगी।
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