निजता के हनन के आरोप में जकरबर्ग के खिलाफ मुकदमा

वाशिंगटन. 'डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबियाÓ (डीसी) ने कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले में मेटा प्रमुख मार्क जकरबर्ग को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाने का अनुरोध करते हुए उनके खिलाफ सोमवार को मुकदमा दायर किया। लाखों फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डेटा की निजता के हनन के इस मामले में 2016 में अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को कथित रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। डीसी के अटॉर्नी जनरल कार्ल रेसीन ने डीसी सुपीरियर कोर्ट में जकरबर्ग के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया। मुकदमे में कहा कि जुकरबर्ग कंपनी के निर्णयों में शामिल थे और बिना अनुमति उपयोगकर्ताओं के डेटा को साझा किए जाने के खतरों से अवगत थे। इसके बावजूद उन्होंने घोटाले को रोकने का प्रयास नहीं किया। रेसीन ने मामले में क्षतिपूर्ति व जुर्माने की भी मांग की है।
वहीं इस मामले में 'मेटा प्लेटफॉम्र्सÓ के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मेटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की मूल कंपनी है।

क्या है कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाला
कैम्ब्रिज एनालिटिका लंदन की एक कंपनी है। कंपनी के पास 2015 से फेसबुक यूजर्स का डेटा था। कंपनी ने इसका इस्तेमाल 2016 के अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था। इसका खुलासा 2018 में हुआ। खुलासे के बाद कैम्ब्रिज एनालिटिका ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। इस मामले में फेसबुक पहले भी जांच का सामना कर चुका है। साल 2019 में फेसबुक ने फेडरल ट्रेड कमीशन ने 5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया था।

बिजनेस के लिए किया डेटा लीक?
रेसीन का कहना है कि जो कुछ भी कैम्ब्रिज एनालिटिका मामले में हुआ, उसे फेसबुक का बिजनेस उद्देश्य माना जाना चाहिए। कंपनी कोई भी नीति जकरबर्ग के निर्देशानुसार अपनाती है। ऐसे में जकरबर्ग ही इसके लिए जिम्मेदार हैं।



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