Constable Paper Leak: दो बजे मिलने वाला कोड 12 बजे ही मिला, जिससे खुला डिजिटल लॉक

जयपुर। पेपर लीक करने वाले गिरोह ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के सिस्टम पर में सेंध लगा दी थी। परीक्षा केन्द्र पर पहुंचने वाले पेपर वाले बॉक्स की चाबी वहां एक अन्य बॉक्स में थी, जिस पर डिजिटल लॉक था। डिजिटल लॉक खोलने के लिए कोड दो बजे दिया जाता था, लेकिन झोटवाड़ा की दिवाकर स्कूल में गिरोह ने यह लॉक करीब बारह बजे ही खोल लिया।

एसओजी ने इस मामले में हिरासत में चल रहे स्कूल मालिक पति-पत्नी सहित आठ जनों को गिरफ्तार कर लिया है। सिस्टम में और कौन इस गिरोह से मिला हुआ था, इसका खुलासा फरार आरोपी मोहन की गिरफ्तारी पर होगा। मात्र दो दिन पहले स्कूल पंहुचे मोहन को परीक्षा प्रक्रिया की पहले से ही जानकारी थी।

कांस्टेबल भर्ती केन्द्रों पर दूसरी पारी की परीक्षा का पेपर सुबह ग्यारह बजे पहुंचा था। हर सेंटर की तरह दिवाकर स्कूल में भी पेपर के तीन बॉक्स पहुंचे थे। इन पर ताला लगा था तथा तीनों की चाबी चौथे बक्से में थी, जिस पर डिजिटल लॉक लगा था। यह लॉक नम्बरिंग कोड से खुलता है। सभी सेंटर पर कोड पहुंचने का समय दोपहर दो बजे था, लेकिन दिवाकर स्कूल में गिरोह ने करीब 12 बजे इसे खोल लिया। उसी समय पेपर के मोबाइल से फोटो खींच कर बाजार में पेपर बेच दिया गया।

ये हुए गिरफ्तार

परीक्षा केन्द्र अधीक्षक शालू शर्मा व उसका पति सहायक केन्द्र अधीक्षक मुकेश कुमार शर्मा निवासी प्रताप नगर चौराहा मुरलीपुरा, सत्यनारायण कुमावत निवासी गोविंदगढ़, राकेश निवासी सोनीपत, कमल कुमार वर्मा नाड़ी का फाटक मुरलीपुरा, रोशन कुमावत निवासी मुरलीपुरा, विक्रम सिंह निवासी भोडसी, गुरुग्राम और रतन लाल निवासी बाल्टी फैक्ट्री आगरा रोड।



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