बीकानेर. harike bairaj: एक महीने से पानी की कटौती झेल रहे बीकानेर जिले के निवासियों के कठिन दिन अब खत्म होने वाले हैं। इस शुरुआत सोमवार रात करीब नौ बजे हुई, जब बीकानेर समेत दस जिलों की जीवनरेखा कहे जाने वाले हरिके बैराज से रात नौ बजे के करीब बैराज के भारी-भारी गेट कुछ इंच ही ऊपर उठे। दरअसल, यह गेट बीकानेर समेत दस जिलों की उम्मीदों का द्वार भी है, जिससे तेज धारा के रूप में निकलने वाला पानी न सिर्फ लाखों बीघा खेतों को जीवन देने वाला होगा, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से बिना पानी इधर-उधर घूम रहे मवेशियों और जन सामान्य के लिए भी जीवनदायनी साबित होगा, जो लगभग तीन हफ्तों से बुरी तरह पानी की किल्लत झेल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीकानेर जिले में पंजाब के फिरोजपुर जिले में िस्थत हरिके बैराज से सोमवार रात 9 बजे इंदिरा गांधी नहर के गेट खोल दिए गए। अभी एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मंगलवार को पांच-सात हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया जाएगा। इस पानी के अगले चार दिनों में बीकानर तक पहुंचने की संभावना है। हरिके बैराज के खुले हुए यह गेट भले ही आज महज एक हजार क्यूसेक पानी दे रहा हो, लेकिन यह बीकानेर के लिए पानी की परेशानी को दूर करने वाला संदेश है। परेशानी का स्थाई समाधान नहर का पानी बीकानेर पहुंचने पर ही हो पाएगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बीकानेर शहर समेत पूरे जिले में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। रुपए देकर भी पानी नहीं मिल पा रहा है, ऐसे हालात में। टैंकर वालों ने जहां मनमानेे रेट बढ़ा रखे हैं, वहीं पानी की उपलब्धता में बेहद मुश्किलों के चलते कैंपर वितरकों से लेकर धोबी तक परेशान हो चले हैं। धोबियों ने जहां नए ग्राहक बनाने बंद कर दिए हैं, वहीं कैंपर आपूर्ति करने वाले भी अपने पुराने ग्राहकों को ही पानी सप्लाई कर रहे हैं। अब नहरी पानी पहुंचने से सभी की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
बीकानेर की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/LsyzdUm
https://ift.tt/5HTqzMN
एक टिप्पणी भेजें