शिक्षा विभाग ने जल्दबाजी में कक्षा पांच और कक्षा आठ का परीक्षा परिणाम जारी कर वाहवाही तो लूट ली। लेकिन सैकड़ों विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिनकी कोई गलती नहीं थी फिर भी उनका परिणाम रोक लिया गया।
ऐसे में प्रदेश भर के 35 हजार विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी तनाव में हैं। जब यह गलती सामने आई तो शिक्षा विभागीय पंजीयक ने राज्य के सभी डाइट प्राचार्यों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों के सत्रांक और परीक्षा प्राप्तांक अपलोड करने को कहा है। ताकि छात्रों का रोका गया परिणाम जारी किया जा सके।
पत्र में कहा गया है कि डाइट प्राचार्य ने ऐसे सभी परीक्षार्थियों की सूची विवरण सहित अपलोड नहीं की जिसकी वजह से परिणाम बाद में लिखा गया है। साथ ही एनआइसी की ओर से प्राप्त सूची के अतिरिक्त भी यदि किसी विद्यार्थी की कोई जानकारी हो तो उसे भी भेजी जाए। सभी विद्यार्थियों के लिए पोर्टल पर सत्रांक एवं परीक्षा प्राप्तांक अपलोड करने के लिए संबंधित विद्यालय एवं मूल्यांकन केन्द्र के लॉगिन पर टाइमलाइन के अनुरुप एक अवसर और दिया जा रहा है।
नियम अवधि में आवश्यक रुप से परीक्षार्थियों के सत्रांक एवं प्राप्तांक संबंधित से अपलोड कराया जाए। पंजीयक पालाराम मेवाता ने बताया कि 11 से 17 जून तक जिलेवार परिणाम जारी होने बाद की सूची में शामिल परीक्षार्थियों के सत्रांक संबंधित विद्यालय की लॉगिन से अपलोड किया जाए। इसकी मॉनिटङ्क्षरग डाइट प्राचार्य करेंगे। इसके अलावा 11 से 15 जून तक परीक्षार्थियों के सत्रांक एवं परीक्षा अंक अपलोड न करने के लिए जिम्मेदार संस्था प्रधान, मूल्यांकन केन्द्र के प्रभारी के नाम की सूची भी भेजी जाए। इसकी जिम्मेदारी डाईट प्राचार्यों को सौंपी गई है।
इसके अलावा 11 जून से 15 जून तक जिले के अन्य परीक्षार्थियों जिनका परीक्षा परिणाम जारी नहीं हुआ की सूची भी पंजीयक कार्यालय भेजनी होगी। उन्होंने बताया कि किसी अन्य स्थिति तथा कारण से सूची के किसी परीक्षार्थी के अंक अपलोड न किए गए हो तो उसकी सूचना स्पष्ट एवं सटीक टिप्पणी के साथ भेजी जाए।
35 हजार छात्रों का रुका परिणाम
प्रदेश में कक्षा पांचवी और आठवीं के परीक्षा परिणाम में करीब 35 हजार छात्रों का परिणाम रोका गया है। इसमें सात हजार कक्षा आठवीं के और 28 हजार छात्र कक्षा पांचवीं के शामिल है।
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