ट्राई स्कूटर पर तीन हज़ार किलोमीटर हौसले का मिशन

जोधपुर निवासी जगदीश लोहार ट्राई स्कूटर पर तीन हजार किलोमीटर की यात्रा पर निकले हुए हैं। वे 30 मई को जोधपुर से लद्दाख के लिए रवाना हुए। वहां से वापस लौटते हुए मंगलवार को बीकानेर पहुंचे। जगदीश ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य देश के दिव्यांगों के लिए ट्राई स्कूटर का मोटर वाहन कम्पनियों से निर्माण शुरू करने का संदेश देने का है। दिव्यांग जगदीश केन्द्रीय विद्यालय जोधपुर में शिक्षक हैं और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी हैं। अरूणाचल प्रदेश की 2018 में स्कूटर से यात्रा कर क्रॉस कंट्री का रेकॉर्ड बना चुके हैं।

जगदीश लोहार ने बताया कि जातिगत पेशा लोहार का होने के चलते औजारों का निर्माण करना जानते हैं। एक पैर से चलने में दिक्कत और 65 प्रतिशत दिव्यांग हैं। ऐसे में उन्होंने खुद के लिए 27 साल पुराने स्कूटर को तैयार किया है। मिशन नॉर्थ के तहत ट्राई स्कूटर पर जोधपुर से रवाना होकर 6 जून को लद्दाख पहुंचे। वहां से 10 जून को वापस रवाना होकर मंगवार को बीकानेर पहुंचे हैं।

इस 3000 किमी मिशन का मक़सद दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए देश में मानक और कम्पनी निर्मित ट्राई स्कूटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। ज़्यादातर दिव्यांग स्कूटर्स को अपने स्तर पर मॉडिफ़ाई करवाते हैं, जो तकनीकी व क़ानूनी तौर पर मान्य नहीं होते हैं। साथ ही परिचालन लागत ज़्यादा आती है।

पहले भी पूरे कर चुके साहसिक मिशन

शिक्षक जगदीश इससे पहले भी देश भर में अपने ट्राई स्कूटर पर दिव्यांग हितार्थ साहसिक मिशन पूरे कर चुके हैं। वर्ष 2019 में पश्चिम भारत के तहत जोधपुर से महात्मा गांधी की जन्म स्थली पोरबंदर, वर्ष 2018 में पूर्वी भारत का जोधपुर से अरुणाचल प्रदेश का क्रॉस कंट्री मिशन इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 2021 में दर्ज है। वर्ष 2013 में उत्तर भारत के तहत जोधपुर से कश्मीर प्रेरणा यात्रा की थी। कई पुरस्कार भी मिले हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2014, राज्य स्तरीय दिव्यांग रोल मॉडल पुरस्कार 2017, राज्य स्तरीय सर्व श्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी पुरस्कार शामिल हैं।



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