जयपुर। हाईकोर्ट ने बलात्कार के कारण गर्भवती एक नाबालिग (rape minor pregnant) सहित दो पीड़िताओं के गर्भपात की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने दोनों मामलों में स्थानीय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को निर्देश दिया कि प्रसूति रोग विशेषज्ञों की टीम से पीडिताओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर जल्द गर्भपात कराने और भ्रूण को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा जाए। सीकर व भरतपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिवों से पीड़िताओं को पीडित प्रतिकर स्कीम के तहत क्षतिपूर्ति राशि दिलाने को भी कहा है।
न्यायाधीश सुदेश बंसल ने एक मामले में पीडिता और दूसरे मामले में नाबालिग पीडिता के पिता की याचिकाओं पर यह आदेश दिया। भरतपुर जिले की पीडिता सामूहिक दुष्कर्म के कारण गर्भवती हो गई और वह बच्चे को जन्म देने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है। तीन जून को भ्रूण करीब 19 सप्ताह का था। इसी तरह सीकर जिले में नाबालिग पीडिता भी बलात्कार के कारण गर्भवती हो गई थी।
पुत्र की मौत पर सैरोगेसी संतान के लिए गंवाए लाखों लाखों रुपए
जयपुर। जोधपुर में सड़क हादसे में पुत्र की मौत के बाद संतान की प्राप्ति के लिए एक दम्पती ने महिला से सम्पर्क से किया तो उसने लाखों रुपए ऐंठ लिए। महिला ने एफआइआर दर्ज कराई तो पीडि़त व्यक्ति ने भी उसके खिलाफ बनाड़ थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पुलिस के अनुसार नांदड़ी में लक्ष्मण नगर सी निवासी एक व्यक्ति ने कोर्ट में पेश इस्तगासे के आधार पर जयपुर की एक महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामाल दर्ज कराया। आरोप है कि तीन साल पहले पीडि़त के तीस साल के पुत्र की सड़क हादसे में मृत्यु के बाद से पति-पत्नी डिप्रेशन में आ गए थे। बच्चादानी निकलवाने की वजह से पत्नी दुबारा मां नहीं बन सकती थी। परखली शिशु से संतान प्राप्ति की सोची। महिला की तलाश शुरू की गई। एक वेब साइट के मार्फत उनका सम्पर्क जयपुर की महिला से हुआ। उसने सैरोगेसी संतान के लिए पांच लाख रुपए व जोधपुर में ठहरने के लिए एक मकान पर सहमति जताई थी। महिला ने कोविड होने का बताकर रुपए की जरूरत बताई। पीड़ित ने कुछ रुपए ऑनलाइन जमा कराए थे। गत वर्ष 30 जून को महिला को तीन लाख रुपए दिए गए थे। 7 जुलाई को उसने 55 हजार, 15 जुलाई को एक लाख रुपए और फिर 60 हजार व 35 हजार रुपए जमा कराए थे।
अनादरित हो गए चेक
महिला के आग्रह पर दोनों खाटू श्यामजी मंदिर गए, जहां होटल में ठहरे थे। वहां दोनों के बीच संबंध भी बने थे। इसके बाद महिला के टालमटोल करने पर पीडि़त ने पुत्र के नाम ट्रस्ट बनाकर सम्पत्ति नाम करने की धमकी दी तो महिला ने 50 हजार रुपए लौटाए और एक चेक भी दिया था, लेकिन चेक अनादरित हो गया था। पीडि़त ने रुपए मांगे तो महिला ने चार चेक और दिए थे, लेकिन वो भी अनादरित हो गए थे।फिर महिला ने सैरोगेसी संतान के लिए मना कर दिया था।
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