वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में मौज मनाएं, कांजीरंगा और सुंदरबन भी जाएं

नार्थ ईस्ट जाना है तो काजीरंगा सेंचुरी जरूर जाएं। यह वर्ल्ड हैरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है। यह दुनियाभर में एक सींग वाले गैंडे के लिए मशहूर है। इसे वर्ल्ड हैरिटेज साइट का रुतबा 1985 में मिला था। यहां हाथी सफारी करना न भूलें। यहां जा रहे हैं तो आदिवासी गांव व चाय के बागान भी जरूर देखें।

सबसे बड़े मैंग्रोव वनों की मेजबानी के लिए जाना जाने वाला सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान भारत के पश्चिम बंगाल में स्थित है। सबसे ज्यादा बंगाल टाइगर का यह घर है। यह यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है, जिसमें खारे पानी के मगरमच्छ सहित विभिन्न प्रकार के पक्षी और सरीसृप मौजूद हैं।

कार्बेट में हाथी और गिर में देखें शेर

हिमालय की तलहटी के बीच स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (उत्तराखंड) करीब 300 से अधिक जंगली हाथी, 200 बाघ और कई प्रकार के वन्यजीवों और पक्षियों का बसेरा है। इसको वर्ष 1936 में स्थापित किया गया था और ये भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है। यहां हरियाली भी बहुत अच्छी होती है। फोटो भी बहुत अच्छे बनते हैं। गुजरात का गिर नेशनल पार्क ऐसा उद्यान है, जहां शेरों को खुले में घूमते देख सकते हैं। आप भी इस रोमांच का हिस्सा बन सकते हैं। यहां 38 स्तनधारियों की प्रजातियां, 37 प्रकार के सरीसृप और 2000 से अधिक कीट प्रजातियां हैं।

देश में 565 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं। यह भारत के कुल भूभाग का करीब 3.73% हिस्सा है।

तेज गर्मी और उमस में कोई कहे कि वाइल्ड लाइफ सेंचुरी देखने चलें तो आपको अजीब लग सकता है, लेकिन यही वह मौसम होता है जब सबसे ज्यादा जंगली जानवर देखने को मिलते हैं। तेज गर्मी में जंगलों में पानी के स्रोत सूख जाते हैं और कुछ जगहों पर ही पानी बचता है तो जानवर घने जंगलों से निकलकर पानी पीने आते हैं। ऐसे में आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको देश के नेशनल पार्क अच्छे लग सकते हैं। यहां मनोरंजन, रोमांच के साथ ज्ञान का खजाना भी मिलेगा।

घर के पास से कर सकते हैं शुरुआत

राजस्थान और मध्यप्रदेश में 25-25 राष्ट्रीय उद्यान हैं। राजस्थान में रणथंभौर और सरिस्का बाघों के साथ 300 से अधिक प्रजाति के पशु पक्षियों और 200 से अधिक प्रजातियों के पेड़-पौधों के लिए जाने जाते हैं। इनका अपना अलग इतिहास भी हैं। यहां पर्यटक निराश नहीं होते हैं। मध्यप्रदेश में बांधवगढ़ और कान्हा तो रॉयल बंगाल टाइगर के लिए जाने जाते हैं। बांधवगढ़ में घनत्व के हिसाब से सबसे अधिक टाइगर हैं। यहां जाने का सबसे अच्छा मौसम अप्रेल से जून या फिर मानसून का होता है।



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