हबल टेलीस्कोप ने कैद किया भव्य आकाशगंगा का 'दिल'

वाशिंगटन. अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' के हबल टेलीस्कोप ने पृथ्वी से 5.3 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक आकाशगंगा के 'दिल' (केंद्रीय क्षेत्र) का पता लगाया है। भव्य डिजाइन वाली इस विशिष्ट आकाशगंगा की भुजाएं बेहद स्पष्ट हैं और केंद्र के चारों ओर लिपटती नजर आती हैं। आकाशगंगा की भुजाओं में सितारे बनते दिख रहे हैं।
यह आकाशगंगा सप्तऋषि तारों के समूह की दिशा में है। इसका नाम एनजीसी-3631 बताया गया है। हबल टेलीस्कोप ने यहां अंधेरे और धूल से भरे क्षेत्रों का भी पता लगाया। आकाशगंगा की धीमी रफ्तार के कारण इसके आसपास की कई चीजें बीच-बीच में रुक जाती हैं। इससे धूल और गैस आपस में मिल जाते हैं। जैसे-जैसे ये पदार्थ घने होते जाते हैं, यहां गुरुत्वाकर्षण में बदलाव होने लगता है और एक नया सितारा पैदा होता है। हबल टेलीस्कोप नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का संयुक्त प्रोजेक्ट है। हालांकि अब इस टेलीस्कोप की उम्र पूरी होने वाली है। नासा ने इसके सक्सेसर के तौर पर पिछले साल जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप लॉन्च किया था। फिलहाल यह डिप्लॉयमेंट के चरण से गुजर रहा है।

अब तक 15 लाख से ज्यादा ऑब्जर्वेशन
करीब 30 साल से अंतरिक्ष में तैनात हबल टेलीस्कोप दुनिया को ब्रह्मांड की संरचनाओं से रू-ब-रू कर रहा है। इस टेलीस्कोप ने अब तक 15 लाख से ज्यादा ऑब्जर्वेशन किए हैं। पिछले हफ्ते इसने विशाल आकाशगंगा के नजारे को कैद किया था, जो हमारी आकाशगंगा 'मिल्की वे' से ढाई गुना बड़ी है। इस अंडाकार आकाशगंगा को एनजीसी-474 नाम से जाना जाता है। यह पृथ्वी से करीब 10 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है।

डेटा के आधार पर बनाई रंगीन तस्वीर
हबल वाइड फील्ड कैमरा-3 और एडवांस सर्वे कैमरा के डेटा के आधार पर नासा ने दुर्लभ आकाशगंगा एनजीसी-3631 की तस्वीर बनाई है। इसमें नीले-सफेद रंग के जरिए सितारों के निर्माण वाले हिस्से को दिखाया गया है, जबकि नारंगी रंग के जरिए इन्फ्रारेड प्रकाश क्षेत्र दर्शाया गया।



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