महाजन . महाजन में रियासत काल में बनी ऐतिहासिक छतरियां आज देखभाल के अभाव में नष्ट होने के कगार पर है। लाल पत्थर से बनी इन कलात्मक छतरियों को बचाने के लिए पुरातत्व विभाग भी निष्क्रिय बना है।
महाजन राजघराने के राजाओं की याद में निर्मित यह छतरियां लोगों का मन मोह लेती थी लेकिन उपेक्षा व देखभाल के अभाव में अब इन छतरियों का अस्तित्व मिटने लगा है। कस्बे के रामबास मोहल्ले के पास स्थित लाल पत्थरों से निर्मित आठ छतरियां आज बदहाली पर आंसू बहा रही है।
जानकार लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व सैलानी इन छतरियों को देखने के लिए आया करते थे लेकिन अब इनकी सार-सम्भाल नहीं होने से ये क्षतिग्रस्त होने लगी है। चारदीवारी के अन्दर स्थित छतरियों के चारों तरफ जहां गंदगी का आलम है। वहीं चारदीवारी से बाहर स्थित छतरियों के समीप भी गंदगी फैल चुकी है। इनके चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उगने से भी नुकसान पहुंच रहा है। छतरियों के कंगूरे टूटने लगे है।
इतिहास की साक्षी इन छतरियों पर बारीकी से की गई कलात्मक चित्रकारी देखते ही मन मोह लेती है। राजघराने के लोगों के धीरे-धीरे अन्यत्र चले जाने के कारण इनकी सार-सम्भाल नहीं हो पा रही है। पुरातत्व विभाग भी इस ऐतिहासिक धरोहर के प्रति संवेदनशील नहीं है। जिससे इतिहास में रूचि रखने वाले लोग इस धरोहर को नष्ट होते देखकर मायूस हैं।
मन्दिर निर्माण कार्य रुकवाकर मारपीट
श्रीडूंगरगढ़. मन्दिर निर्माण कार्य रुकवाकर मारपीट करने का मामला शनिवार को दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार हेमासर निवासी मालाराम पुत्र कोडाराम ब्राह्मण ने इस्तगासे के जरिए गांव के ही गजानन्द, कमल, बाबूलाल, नोरंगलाल, भगीरथ, गोङ्क्षवद ब्राह्मण के खिलाफ दर्ज मामले में बताया कि उसके द्वारा गांव के गुवाड़ में शिव मन्दिर बनवाया जा रहा था। गत 21 मई को आरोपियों व गांव के 50-60 व्यक्ति आए और मन्दिर का कार्य बंद करवा दिया। उससे मारपीट की ओर मौके पर पड़ी निर्माण सामग्री उठाकर ले गए।
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