संजय पारीक
श्रीडूंगरगढ़. कस्बे के मुख्य बाजार में बीचों-बीच बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जगह की कमी के चलते मरीज परेशान हो रहे है। जगह की कमी के कारण चिकित्सालय परिसर में लगने वाली मरीजों की भीड़ के चलते उचित चिकित्सकीय परामर्श मिलने में भी असुविधा होती है। साथ ही चिकित्सकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन मरीजों ओर चिकित्सकों की इस परेशानी के समाधान के लिएकोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है।
एक चैम्बर में दो डॉक्टर
सीएचसी में जगह की कमी के कारण कमरे भी कम है और कमरों का साइज भी छोटा है, जिसके चलते एक कमरे में दो-दो चिकित्सकों को बैठना पडता है। हालात ये है कि ओपीडी में इन कमरों में मरीजों की भीड़ लगी रहती है। साथ ही मरीजों की भीड़ के कारण होने वाले शोर के चलते चिकित्सक न तो मरीज का उचित चेकअप कर पाते है और न ही उचित चिकित्सकीय परामर्श दे पाते हैं। कई बार तो नम्बर आगे-पीछे के चक्कर मे मरीजों के मध्य विवाद भी हो जाता है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में सीएचसी में प्रतिदिन करीब 800 मरीजों की ओपीडी है।
कोविड संक्रमण का भी खतरा
प्रदेश के साथ श्रीडूंगरगढ़ में भी कोरोना संक्रमण पांव पसार रहा है और प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीज रिपोर्ट हो रहे है। इस बीच अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चैम्बर लगी भीड़ के दौरान एक-दूसरे से सटकर खड़े मरीज ओर पर्ची कटवाने के लिए लगी लंबी कतार कोरोना संक्रमण की आशंका का खतरा भी बढ़ा रही है।
जेब कतरे भी सक्रिय
अस्पताल परिसर में जगह की कमी और मरीजों की इस भीड़ का फायदा जेबकतरे भी उठा रहे हैं। अस्पताल में आए दिन मरीजों की जेब कटने की घटनाएं भी हो रही है। सप्ताहभर में चार मरीजों की जेब से रुपए निकलने की घटनाएं सामने आ चुकी है। गत दिनों ने पुलिस ने मरीज की जेब तराशती एक नाबालिग को पकड़ा भी था, लेकिन अस्पताल में जगह की कमी और मरीजों की भीड़ जेबकतरों के लिए किसी सुनहरे मौके से कम नही है।
पार्किंग की भी समस्या
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्य बाजार के बीच में स्थित होने के कारण वाहन पार्किंग की समस्या भी रहती है। गंभीर मरीजों को सीएचसी में लेकर आने वाले वाहन व एम्बुलेंस सड़क पर ही खड़े रहते है। साथ ही अन्य मरीज भी दुपहिया वाहन आदि लेकर आते हैं लेकिन जगह की कमी के कारण पार्किंग व्यवस्था नही होने के चलते हॉस्पिटल रोड पर दिनभर यातायात बाधित रहता है और जाम की स्थिति बनी रहती है।
राजमार्ग पर शिफ्ट करने की मांग
मरीजों की सुविधा और इन हालातों से निजात के लिए सीएचसी प्रशासन द्वारा भी कई बार सीएचसी को राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर शिफ्ट करने की मांग उठाई जा चुकी है। सीएचसी भवन को राजमार्ग-11 पर शिफ्ट करने के लिए सीएचसी प्रशासन द्वारा नगरपालिका को भूमि आवंटन व तहसीलदार को अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं।
इनका कहना है
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीएचसी शिफ्ट होने से मरीजों को सुविधा मिलेगी। इस सम्बंध में कई बार सम्बंधित अधिकारियों को पत्र लिखे हैं और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया है।
डॉ. एस के बिहानी, सीएचसी प्रभारी, श्रीडूंगरगढ़।
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