जयपुर.
पृथ्वीराज नगर में रह रहे लाखों लोग बेसब्री से बीसलपुर का पानी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन लोगों का यह इंतजार रेलवे और जलदाय विभाग के बीच तालमेल नहीं होने से लंबा भी खिंच सकता है। क्योंकि डेढ़ वर्ष से सांगानेर में रेलवे की जमीन पर 700 मीटर तक पृथ्वीराज नगर प्रोजेक्ट के लिए 1600 एमएम की लाइन बिछाने की अनुमति को लेकर जलदाय विभाग और रेलवे अब आमने-सामने हैं।
रेलवे पहले वे-लीव (जगह छोड़ने) की अनुमति को लेकर राज्य के सभी जिलों में जलदाय विभाग पर बकाया चल रहे 8 करोड़ रुपए जलदाय विभाग से मांग रहा है। उधर जल भवन के अफसर रेलवे की इस उधारी को चुकाने को लेकर गंभीर नहीं है और इधर जयपुर शहर में पृथ्वीराज नगर प्रोजेक्ट से बीसलपुर का पानी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों का इंतजार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।पत्र लिखकर खानापूर्ति
सांगानेर में रेलवे की जगह को काम में लेने के लिए बीसलपुर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों और रेलवे के बीच मामला डेढ़ वर्ष से चल रहा है। अब रेलवे और जलदाय विभाग के बीच आठ करोड़ की बकाया राशि को चुकाने के लिए चिट्ठी वार चरम पर पहुंच गया है। रेलवे बकाया चुकाए बिना लाइन बिछाने की अनुमति देने को तैयार नहीं है। उधर जल भवन में बैठे वरिष्ठ इंजीनियर इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। जिलों में बकाया चल रही राशि को चुकाने के लिए महीनों से केवल पत्र लिख कर अपना काम पूरा मान कर बैठे हैं।
एक वर्ष की देरी से पूरे हुए दो प्रोजेक्ट
बीसलपुर प्रोजेक्ट के तहत आमेर व खो नागोरियान में वन विभाग की जमीन पर लाइन बिछाने की एनओसी इंजीनियरों ने बडे़ आराम से ली। इसका नतीजा यह हुआ कि दोनों प्रोजेक्ट एक वर्ष की देरी से पूरे हुए। यही हाल पृथ्वीराज नगर प्रोजेक्ट का भी हो रहा है।हमारा कोई बकाया नहीं
जयपुर शहर पीएचईडी पर वे-लीव संबधी कोई भी भुगतान बकाया नहीं है। रेलवे जल्द से जल्द पृथ्वीराज नगर प्रोजेक्ट के लिए लाइन बिछाने की अनुमति दे। बकाया वाले जिलों को मुख्यालय से पत्र लिखा गया है। इस मामले में वित्त समिति के स्तर पर निर्णय होगा। हम लगातार रेलवे प्रशासन के संपर्क में हैं।
- अंजू हर्ष, अधिशाषी अभियंता, बीसलपुर प्रोजेक्ट
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/AZzVomn
https://ift.tt/irgS9yL
एक टिप्पणी भेजें