Rajya Sabha Election in Rajasthan: महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में फैली 16 सीटों के लिए सीटों से अधिक उम्मीदवारों की संख्या के कारण आज मतदान हो रहा है। कुछ प्रमुख नेता, जिनके भाग्य का फैसला शाम 5 बजे होगा उनमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और मुकुल वासनिक के साथ उद्योगपति सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) (राजस्थान) और कार्तिकेय शर्मा (हरियाणा) शामिल हैं। विशेष रूप से, उच्च सदन के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कांग्रेस पार्टी में असंतोष सामने देखा जा रहा था। विशेष रूप से राजस्थान और महाराष्ट्र में। महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी ने इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) को चुनाव के लिए मैदान में उतारा है, जबकि प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी से मैदान में उतारा गया है। शिवसेना के संजय राउत और संजय पवार चुनाव में टक्कर दे रहे हैं। एमवीए ने खरीद-फरोख्त के डर से अपने सभी विधायकों को मुंबई के एक होटल में स्थानांतरित कर दिया है। राजस्थान में भी बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों और कुछ कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के कारण काफी असंतोष के सुर देखने को मिले। राजस्थान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा निर्दलीय रूप से मैदान में और इनको भाजपा ने समर्थन दिया है।
कांग्रेस के विधायक उदयपुर के बाद अब आमेर में
देश में चार राज्यों की 16 राज्यसभा सीट (Rajya Sabha Election) पर आज मतदान होगा, जिसमें से राजस्थान(Rajasthan) भी शामिल है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव(Rajya Sabha election) से पहले विधायकों को खरीद-फरोख्त से दूर रखने के लिए राजस्थान सरकार ने कांग्रेस(Congress) विधायकों को उदयपुर से लाकर जयपुर(Jaipur) के आमेर(Amer) इलाके में ठहराया है। जिसके कारण इलाके में इंटरनेट(Internet) सेवा को बंद कर दिया गया था।
आमेर में इंटरनेट सेवा कर दी गई थी बंद
राज्यसभा मतदान से पहले राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने अपने विधायकों को जयपुर के बाहरी इलाके आमेर के लीला पैलेस होटल में रखा है। वहीं राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा सीटों पर जीत की उम्मीद लगा रही कांग्रेस ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के डर से इलाके में गुरुवार रात 9 बजे से शुक्रवार सुबह 9 बजे तक 12 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा को बंद किया था।
कांग्रेस नेताओं ने लगाई जीत की उम्मीद
कांग्रेस नेता रघु शर्मा ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'अब बीजेपी को यह एहसास हो जाना चाहिए की वह अपनी घिनौनी हरकतों से कांग्रेस की एकता को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सकते हैं।' उनका कहना है कि कांग्रेस आज होने वाले राज्यसभा चुनाव में 3 सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है।
नहीं होगी क्रॉस वोटिंग: सीएम गहलोत
इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कांग्रेस की जीत की उम्मीद जताई है। उन्होंने क्रॉस वोटिंग की किसी भी संभावना को नकारते हुए कहा है कि कांग्रेस तीन सीटों को आसानी से जीत रही है।बता दें कि आज राजस्थान में होने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है।
शाम छह बजे हो जाएगा फैसला
फिलहाल राजस्थान(Rajasthan) की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस(Congress) के पास कुल 108 विधायक हैं और उन्हें तीन राज्यसभा सीट(Rajya Sabha Seat) जीतने के लिए 123 वोटों की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में कांग्रेस राजस्थान के क्षेत्रीय पार्टी के विधायकों से मदद की उम्मीद कर रही है। फिलहाल राजस्थान की विधानसभा में आज सुबह 9 बजे मतदान शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा। जिसकी गिनती शाम 5 बजे से की जाएगी।
सीटें कम, उम्मीदवार अधिक
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन राज्य की सभी छह सीटों पर जीत का विश्वास व्यक्त कर रहा है। भाजपा ने महाराष्ट्र राज्य से डॉ अनिल बोंडे, पीयूष गोयल और धनंजय महादिक को मैदान में उतारा है। दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान की तरह यहाँ भी एक उम्मीदवार अधिक है। राजस्थान मेंं चार सीटों के पांच उम्मीदवार हैं तो महाराष्ट्र में छह सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं। हरियाण में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में है। कर्नाटक में भी 4 सीटों के लिए पांच उम्मीदवार हैं।
- महाराष्ट्र : निर्दलीय विधायकों पर दारोमदार : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में विधायकों की एक बैठक बुलाई थी और राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए महा विकास अघाड़ी के सभी चार उम्मीदवारों में विश्वास व्यक्त किया था। दो सीटों पर होगा। इसके पहले भाजपा गठबंधन और कांग्रेस , दोनों ने विधायकों को खरीद-फरोख्त की संभावनाओं को कम करने के लिए रिसॉर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। महाराष्ट्र में राज्यसभा की 6 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। संख्या बल की दृष्टि से यहां भाजपा 1 सीट ही जीत सकती है। हालांकि महाविकास आघाड़ी में फूट की संभावना और राज्य में निर्दलीय विधायकों की अच्छी खासी संख्या होने के कारण भाजपा ने यहां दूसरा उम्मीदवार खड़ा कर दिया है। दूसरी ओर एनसीपी और कांग्रेस ने 1-1 तो शिवसेना ने 2 उम्मीदवार खड़े किए हैं। ऐसे में छठी सीट पर पेंच फंस गया है। इस सीट पर निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल करने वालों को ही सफलता मिलेगी। एआईएमआईएम महाराष्ट्र के अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने कहा है कि बीजेपी को हराने के लिए उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के समर्थन में को वोट देने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में एआईएमआईएम के 2 विधायकों को कांग्रेस उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी को वोट देने के लिए कहा गया है।
- हरियाणा: एक विधायक बदल सकता है पूरा खेल : हरियाणा में 2 सीटों पर चुनाव हैं। हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन ने अपने विधायकों को चंडीगढ़ के एक रिसॉर्ट में रखा था, जबकि कांग्रेस नेताओं को शहर के एक रिसॉर्ट में ले जाया गया था। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता अजय माकन को नामित किया है। जबकि भाजपा ने पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार को मैदान में उतारा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुलदीप बिश्नोई पार्टी के हालिया फैसलों से पहले ही खफा हैं। इसके अलावा, पार्टी के लिए एक और समस्या कार्तिकेय शर्मा की उम्मीदवारी के रूप में आई है, जिनके पिता और ससुर कांग्रेस के पूर्व नेता हैं और राज्य की राजनीति में प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। संख्या बल के हिसाब से भाजपा और कांग्रेस के हाथ 1-1 सीट आनी है। हालांकि भाजपा ने यहां निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को समर्थन देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। राज्य में 1 सीट जीतने के लिए 31 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के पास इतने ही विधायक हैं। गोपाल कांडा और अभय चौटाला ने भी कार्तिकेय शर्मा को समर्थन देने की घोषणा की है। कांग्रेस ने अजय माकन को अपना उम्मीदवार बनाया है। माकन के बाहरी होने के कारण पार्टी विधायकों में असंतोष की खबरें आ रही हैं। अगर एक भी विधायक ने क्रॉस वोटिंग की तो अजय माकन की जीत मुश्किल होगी। भाजपा की रणनीति अपने 9 अतिरिक्त मतों के साथ जेजेपी, इनेलो, निर्दलीय और कांग्रेस के बागी विधायकों की मदद ये माकन को मात देने की है।
- कर्नाटक : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी हैं मैदान में : कर्नाटक में, जनता दल (एस) (Janta Dal Secular) ने राज्यसभा चुनाव में उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता कुपेंद्र रेड्डी को अपना पहला उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने जद (एस) को किनारे करने के लिए मंसूर अली खान को अपना दूसरा उम्मीदवार बनाया और कुपेंद्र रेड्डी को राज्यसभा भेजने के लिए अपनी बोली लगाई। कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने यहां जयराम रमेश, मंसूर अली खान को मैदान में उतारा है। दूसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए कांग्रेस को 20 अतिरिक्त मतों की जरूरत है। पार्टी को पहले जेडीएस से समर्थन की उम्मीद थी, मगर उसने यहां कुपेंद्र रेड्डी को मैदान में उतार दिया है। कांग्रेस में फूट की संभावना के मद्देनजर भाजपा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा लहर सिंह को भी मैदान में उतारा है। अगर कांग्रेस को जेडीएस का साथ नहीं मिला तो उसे दूसरी सीट जीतने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
- राजस्थान में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प : राजस्थान में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। संख्या बल की दृष्टि से इनमें से 3 सीटें कांग्रेस तो 1 सीट भाजपा के हिस्से आनी है। मगर भाजपा ने यहां निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा का समर्थन किया है। कांग्रेस ने मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है। तीनों राजस्थान के बाहर से हैं। कांग्रेस के पास 108 विधायक हैं, जबकि उसका दावा है कि 13 निर्दलीय, सीपीएम के 2 और बीटीपी के 2 विधायक उसके साथ हैं। हालांकि तीनों उम्मीदवारों के बाहरी होने के कारण कांग्रेस को बगावत का डर सता रहा है। कांग्रेस में जारी इस असंतोष का भाजपा लाभ उठाना चाह रही है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/nD7iUTF
https://ift.tt/sKZjQqk
إرسال تعليق