मार्गन स्टेनली ने सात फीसद विकास दर का जताया अनुमान
नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक बाधाओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर आई है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मार्गन स्टेनली के अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि 2022-23 में भारत एशिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनकर उभर सकता है। समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारण यह है कि भारत मजबूत घरेलू मांग उत्पन्न करने की स्थिति में है। आर्थिक नीति सुधारों, युवा कार्यबल और कारोबारी निवेश से इसमें मदद मिलेगी।
सात फीसद रह सकता है विकासदर का औसत
मार्गन स्टेनली ने अनुमान जताया है कि 2022-23 में भारत की विकास दर का औसत सात प्रतिशत रह सकता है और एशियाई व वैश्विक विकास में इसका क्रमश: 28 प्रतिशत व 22 प्रतिशत का योगदान रहेगा। मार्गन स्टेनली ने अनुमान है कि भारत ने कोरोना महामारी से उबरते हुए वित्त वर्ष 2022 में 9.2 प्रतिशत की विकास दर करेगा। इससे पिछले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.6 प्रतिशत की गिरावट रही थी। अब 2022-2023 में 8-8.5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है।
भारत घरेलू मांग को बनाए रखेगा
मार्गन स्टेनली ने अर्थशास्त्रियों ने एक नोट में कहा है कि कम कारपोरेट कर, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) योजना और सप्लाई चेन के विविधीकरण के संभावित लाभार्थी के रूप में भारत घरेलू मांग को बनाए रखेगा। उत्पादन और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2019 में कारपोरेट कर की दरों में कटौती की थी। इसके अलावा घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 2020 में पीएलआइ योजना लांच की थी।
ऊर्जा की ज्यादा कीमतें चिंता का विषय
मार्गन स्टेनली का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं के कारण ऊर्जा की ज्यादा कीमतें चिंता का विषय हैं। हालांकि, अब इसके मूल्य में गिरावट आनी शुरू हो गई है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अपने एक दशक के सबसे बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार है। इसका कारण यह है कि मांग में कमी को पूरा किया जा रहा है। स्वस्थ कारपोरेट बैलेंस शीट और कारोबार भरोसा भारत के निवेश के निवेश दृष्टिकोण के लिए अच्छा है। ब्रोकरेज ने उम्मीद जताई है कि घरेलू खपत बढ़ेगी और वस्तुओं की तुलना में सेवाओं का निर्यात बेहतर रहेगा।
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