27 वर्षों के बाद एक बार फिर दीपोत्सव पर ग्रहण का साया रहेगा। संवत 2052 में दीपावली के दिन सूर्य ग्रहण था। इस बार दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण रहेगा। ज्योतिषचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार बीकानेर में खंडग्रास सूर्यग्रहण शाम 4. 27 मिनट से शाम 5.55 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण 1 घंटा 28 मिनट तक दिखाई देगा। खंडग्रास सूर्य ग्रहण का सूतक काल अलसुबह 4.27 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल में नित्य नैमित्तिक कर्म,संध्या, वंदन, पाठ, पूजन, हवन आदि कर्म किए जा सकते है। ग्रहण काल के दौरान विशेष मंत्र जाप,सत्संग, हवन के आयोजन होंगे। पंडित किराडू के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान व दान का विशेष महत्व है। सूर्य ग्रहण के दौरान कुरुक्षेत्र में स्नान का विशेष महत्व धर्मशास्त्रों में बतलाया गया है। वहीं खंडग्रास सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना को देखने के लिए जिज्ञासु लोगों ने तैयारियां शुरु कर दी है।
4 घंटे 4 मिनट रहेगा सूर्य ग्रहण
पंडित किराडू के अनुसार 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण का स्पर्श दोपहर 2.28 बजे प्रारंभ होगा। ग्रहण मोक्ष शाम 6.32 मिनट पर होगा। सूर्य ग्रहण का कुल समय 4 घंटे 4 मिनट रहेगा। बीकानेर में खंडग्रास सूर्य ग्रहण 1 घंटे व 28 मिनट तक ही दिखाई देगा।
इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण 8 नवंबर को
इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण कार्तिक शुक्ला पूर्णिमा 8 नवंबर को होगा। यह चंद्रग्रहण भारत सहित दक्षिणी-पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक और हिंद महासागर में दिखाई देगा। भारतीय समय अनुसार दोपहर 1.32 बजे से शाम 7.27 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। इस साल का पहला चंद्रग्रहण 15 व 16 मई को था, भारत में इसका असर नहीं था।
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