जेल में बंदी की ऐसी करामात, बंदियों की मजदूरी के 7 लाख रुपए भेजे परिजनों के खातों में

जयपुर। दौसा जिले के श्यालावास िस्थत केन्द्रीय जेल में हत्या के आरोप में बंद विराट नगर तहसील के श्यामपुरा निवासी पूरणमल मीना ने रिकॉर्ड में गड़बडी कर बंदियों की मजदूरी की राशि के 7.42 लाख रुपए अपने 10 मित्रों व रिश्तेदारों के बैंक खातों में भुगतान करा दिया। उसे बिना आदेश के ही कम्प्यूटर पर जेल में बंदियों की मजदूरी की राशि के रिकॉर्ड संधारण का काम सौंप दिया था। राशि के बिल भी अधिकारियों ने पास कर दिए। अब जेल के कार्यालय अधीक्षक अभिषेक शर्मा ने बंदी के खिलाफ पापड़दा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

लगाया था सफाई करने, सौंपा कम्प्यूटर का काम

बंदी पूरणमल को 21 मार्च 2020 को जयपुर जेल से यहां लाया गया। उसे कारापाल कार्यालय में साफ- सफाई के लिए लगाया। वह कम्प्यूटर का काम भी जानता है। उसने कम्प्यूटर शाखा में एक वर्ष तक बंदियों की मजदूरी के भुगतान के आदेश बनाए। इसमें उसने मित्रों व रिश्तेदारों के नाम और उनके बैंक खाता नम्बर जोड़ दिए। यह जानकारी जेल में लगी एसटीडी कॉल की रिकॉर्डिंग से मिली।

पहले बिल पास किए, अब जमा करा रहे राशि

कारापाल मुंशीराम मीना ने 5 लाख 24 हजार 200 रुपए बिल भुगतान के आदेश दिए तो कारापाल अमर सिंह नरूका ने 1 लाख 30 हजार 554 रुपए व उपकारापाल कालूरा मीना ने 88 हजार 199 रुपए के बिलों को प्रमाणित कर दिया। अब कारापाल मुंशीराम व उप कारापाल कालूराम ने अपने द्वारा प्रमाणित राशि को 30 सितम्बर 2022 को कोष में जमा करा दी, जबकि कारापाल अमरसिंह की तनख्वाह से 1 लाख 30 हजार 554 रुपए की राशि प्रति माह 21 हजार 520 रुपए के हिसाब से काटी जा रही है।

पहले तैयार, अब राशि जमा कराने से मुकरा

जेल प्रशासन ने बंदी से जब गहनता से पूछताछ की तो उसने यह राशि जमा कराने के लिए कह दिया, लेकिन 29 सितम्बर 2022 को उसने राशि जमा करवाने से मना कर दिया। जिन लोगों के बैंक खातों में यह राशि डाली थी, उनसे भी सम्पर्क किया गया।



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