मासूम ने दिन बदलने के सपने देखे थे, दुनिया ही छूट गई

अहमदाबाद. गरीब परिवार के दस साल के बच्चे की खुशियों की उस समय सीमा नहीं रही, जब उसे एक फिल्म में अहम किरदार के लिए चुना गया। खराब सेहत के बावजूद उसने लगन और मेहनत के साथ फिल्म की शूटिंग में हिस्सा लिया। फिल्म इस साल ऑस्कर के लिए भारत की अधिकृत प्रविष्टि के तौर पर चुनी गई तो बच्चा दुनियाभर की आंखों का तारा बन गया। अचानक यह तारा टूट गया। यह त्रासद कथा गुजराती फिल्म 'छेलो शो' (द लास्ट शो) के बाल कलाकार राहुल कोली की है। ल्यूकेमिया कैंसर से जूझ रहे राहुल का उसकी पहली फिल्म सिनेमाघरों में पहुंचने से पहले अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया।

राहुल कोली के पिता रामू कोली के मुताबिक उसे कई दिन से रह-रहकर बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर दो अक्टूबर को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को नाश्ते के बाद उसे तीन बार खून की उल्टियां हुईं। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

नहीं देख पाया अपनी पहली फिल्म
राहुल कोली अपनी पहली फिल्म देखने के लिए बेताब था, लेकिन जिंदगी ने उसे यह मौका नहीं दिया। 'छेलो शो' 14 अक्टूबर को सिनेमाघरों में पहुंचने वाली है। इसमें बाल कलाकार भाविन रबारी लीड रोल में है, जबकि राहुल ने उसके दोस्त का किरदार अदा किया है। फिल्म में गांव के एक बच्चे की कहानी है, जो फिल्मों का शौकीन है। सिनेमाघर का प्रोजेक्शन बूथ उसका पसंदीदा ठिकाना है।

पिता चलाते हैं ऑटो रिक्शा
गुजरात में जामनगर के हप्पा गांव में राहुल के पिता रामू कोली ऑटो रिक्शा चलाकर गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म को लेकर राहुल बहुत खुश था। वह कहता था कि 14 अक्टूबर के बाद हमारी जिंदगी बदल जाएगी, लेकिन इससे पहले ही वह हमें छोड़कर चला गया। हमारा परिवार टूट गया है।



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