निजी स्कूल में 12वीं की छात्रा के सहपाठी छात्र पर छेड़छाड़, बलात्कार और तेजाबी हमले की धमकी भरे लैटर घर और बैग में डालने की पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। छात्रा ने ही सौ से अधिक धमकी भरे लैटर लिखे थे और अपने घर व बैग में डालकर सहपाठी छात्र पर आरोप लगाए थे। छात्र की गिरफ्तारी के बावजूद धमकी भरे लैटर मिलने बंद नहीं हुए तो पुलिस को संदेह हुआ और जांच में छात्रा की पोल खुल गई। पुलिस ने दोनों युवकों की रिहाई के लिए पोक्सो कोर्ट में आवेदन किया है।
दरअसल,एक ही क्लास में पढ़ने से छात्र व छात्रा में मित्रता थी। चैट भी करते थे। छात्रा के पिता ने देखा तो डांट लगाई थी। छात्रा ने उसे ब्लॉक कर सम्पर्क तोड़ लिया था।स्कूल में छात्रा के बारे में गलत संदेश जाने लगा। छात्र दूसरी छात्रा से बात करने लग गया था। तब उसने छात्र को सबक सिखाने के लिए यह आरोप लगाए।
सहपाठी छात्र पर लगाए थे यह आरोप
छात्रा ने गत माह सहपाठी छात्र पर छेड़छाड़, डराने धमकाने और बलात्कार कर तेजाबी हमला करने के आरोप लगा एफआइआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि सहपाठी छात्र उसके बैग व घर में धमकियां भरे लैटर डाल रहा है। साथ ही अपने मित्र के साथ घर आकर भी धमकियां दी थी। मित्रता करने का दबाव डाला था।
ऐसे खुली छात्रा की पोल
पुलिस ने सहपाठी छात्र को गिरफ्तार किया। जो रिमाण्ड पर है। उसने छेड़छाड़ व धमकी भरे पत्र भेजने से इनकार किया। वहीं, गिरफ्तारी के बावजूद छात्रा के घर धमकियां वाले लैटर मिलने बंद नहीं हुए। इन लैटर में पुलिस और छात्रा व परिजन के बीच होने वाली हर बातचीत का जिक्र भी होता था। छात्रा व परिजन के पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत करने तक की जानकारी पत्र में लिखी होती थी। इससे पुलिस को घर के किसी व्यक्ति पर संदेह हुआ। पुलिस ने छात्रा की कॉपी की हैण्ड राइटिंग से लैटर की लिखावट का मिलान कराया गया तो काफी समानताएं मिली। पुलिस ने छात्रा व परिजन के सामने सबूत रखे तो छात्रा ने खुद ही पत्र लिखकर घर व बैग में डालना स्वीकार किया।
स्कूल से निकाला, गिरफ्तार भी हुआ
पुलिस एक युवक और सहपाठी को गिरफ्तार कर चुकी है। छात्र रिमाण्ड पर है। अब पुलिस कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश करेगी। फिर छात्र की जमानत हो पाएगी। स्कूल प्रशासन पहले ही छात्र को स्कूल से निकाल चुका है।
कैमरे व पुलिस लगाई, फिर भी लैटर मिले
धमकी भरे लैटर मिलना बंद न होने से छात्रा के परिजन दहशत में आ गए थे। वे बार-बार पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ के समक्ष शिकायत कर रहे थे। मकान में सीसीटीवी कैमरे लगाकर वर्दी व सादे वस्त्र में पुलिस लगाई गई। फिर भी लैटर मिलना बंद नहीं हुए। एक बार थानाधिकारी की मौजूदगी में प्रथम तल पर धमकी भरा लैटर मिला था। पुलिस कमिश्नर गौड़ ने थानाधिकारी के समक्ष नाराजगी भी जताई थी।
हैण्ड राइटिंग की एफएसएल से होगी जांच
हालांकि पुलिस पूछताछ में छात्रा ने स्वीकारोक्ति की है। अधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस सभी लैटर व उसकी लिखावट की एफएसएल से जांच कराएगी। छात्रा ने ही धमकी भरे पत्र लिख अपने घर व बैग में डाले थे। छात्र की गिरफ्तारी के बावजूद लैटर मिलने बंद न होने पर संदेह हुआ था।कॉपी व लैटर की लिखावट में काफी मिलान हुआ। बयान ने छात्रा ने स्वीकारोक्ति की है। एफएसएल से जांच में और पुष्टि होगी।
जोगेन्द्रसिंह, थानाधिकारी, पुलिस स्टेशन शास्त्रीनगर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/s2OEbY1
https://ift.tt/cdlaN5P
एक टिप्पणी भेजें