स्कूली योजना में भ्रष्टाचार की मिड-डे मील में खोली पोल!

जयपुर। धीरे-धीरे पूरे देश में भ्रष्टाचार का एक ऐसा जाल तैयार हो गया है कि उसे भेद पाना आम आदमी के बस की बात नहीं है, जबकि आम लोग ही भ्रष्टाचार के सबसे बडे़ शिकार हैं। देश में होने वाले भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों से स्कूलों के बच्चे भी अछूते नहीं हैं। देशभर के स्कूलों में बच्चों के लिए लागू की गई मिड-डे मील योजना भी भ्रष्टाचार की ज़द में है, जिसे पुरज़ोर तरीके से 'मिड-डे मील' नाम से बनी फ़िल्म में दर्शाया गया है।

देश के एक आदर्श युवक और एक ज़िम्मेदार नागरिक के तौर पर अभिजीत (अनिल सिंह चंदेल) ट्रायल के तौर पर जब मिड-डे मील योजना को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए एक गांव में पहुंचता है तो उसे वहां के स्कूल में इस योजना में भारी गड़बड़ियों और खाने में मिलावट का पता चलता है। योजना में भ्रष्टाचार के ज़रिए स्कूली बच्चों की सेहत और भविष्य से किए जा रहे इस खिलवाड़ से अभिजीत तिलमिला जाता है और इस पूरे रैकेट का पर्दाफ़ाश करने का फ़ैसला करता है।

करना पड़ा दिक्कतों का सामना

गांव में मिड-डे मील से जुड़ी तफ़्तीश के दौरान अभिजीत को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उसे सच्चाई सामने लाने के लिए ठाकुर (रणवीर शौरी) समेत इस भ्रष्ट तंत्र से जुड़े कई नकारात्मक लोगों का मुक़ाबला करना पड़ता है। अंत में जीत सच्चाई की ही होती है। स्टार कैटेगरी में इसे 4 स्टार मिले हैं। 'मिड-डे मील' आज के दौर में सामाजिक सच्चाई उजागर कर रही है। फिल्म में जाह्नवी राव, शाहनवाज प्रधान, भगवान तिवारी, आशीष आठवले और झुमा विश्वास ने भी किरदार निभाए।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/532uOoP
https://ift.tt/CegKu6B

Post a Comment

और नया पुराने