बजरी की रॉयल्टी ठेकेदारों की एक बार फिर कारस्तानी पकड़ में आई है। पिसांगन थाना पुलिस ने बजरी से भरे दो ट्रक पकड़े हैं। इनके पास बीकानेर के फर्जी ई-रवन्ना मिले हैं। इनकी जांच-पड़ताल करने के लिए खनिज विभाग को कहा गया है। प्रारंभिक तौर पर यह रवन्ना फर्जी होना पाए गए है। बीकानेर से फर्जी ई-रवन्ना पर्ची काटने का खेल लंबे समय से चल रहा है। जिस पर अंकुश नहीं लगने से फर्जीवाड़ा करने वाले सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
कम्प्यूटर से फोटो करते हैं एडिट
जानकारी के मुताबिक सरकार ने रॉयल्टी की चोरी रोकने के लिए ई-रवन्ना पर्ची काटे जाने के दौरान वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की हुई हैं। इन कैमरों में ट्रक का आगे, पीछे, साइड व ऊपर जहां तक माल भरा हुआ, फोटो आना जरूरी है। परन्तु ठेकेदार कम्प्यूटर में ट्रक की फोटो एडिट कर देते हैं। इससे दूसरे ट्रकों को दिखाकर फर्जी रवन्ना काट रहे हैं। इसी के साथ ही खनन सामग्री के ट्रकों को ओवरलोड कर परिवहन किया जा रहा है। रॉयल्टी वसूली नाकों से लेकर परिवहन और खनिज विभाग के नाकों से यह बेरोकटोक गुजरते है।
भीलवाड़ा व बल्लर में पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
बीकानेर के दो ट्रकों की ई-रवन्ना भीलवाड़ा में काटा गया जबकि यह ट्रक कभी बीकानेर गए ही नहीं थे। इस संबंध में ट्रक मालिक निर्मल को ऑनलाइन चेक करने पर फर्जीवाड़े का पता चला। तब उसने बीकानेर व भीलवाड़ा में खनन विभाग के अधिकारियों को शिकायत की थी। सूत्र बताते है कि अवैध खनन और परिवहन के ठेकेदारों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। पिछले दिनों आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल ने बीकानेर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी रॉयल्टी वसूली में गड़बड़ी का मामला उठाते हुए राज्य सरकार के मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। इससे पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी है लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
यह है मामला
गत 21 अक्टूबर को पिसांगन पुलिस ने बजरी से भरे दो डम्फर पकड़े। एक डम्फर नंबर आरजे 22 जीबी 4867 का चालक कालूराम था। डम्फर 4867 के ई-रवन्ना संख्या 103531435547 है, जो 21 अक्टूबर की शाम छह बजकर छह मिनट पर जनरेट हुआ। लीज धारक का नाम गिरधारीलाल बिश्नोई बताया। लीज की लोकेशन कोलायत के झझू एवं बजरी का परिवहन करना बताया। चालक के पास गाड़ी से संबंधित कागजात एवं स्वयं का लाइसेंस नहीं मिले। दूसरे डम्फर का नंबर आजे 01 जीसी 2649 के चालक अजमेर के बांदरसिंदरी निवासी गणेशराम गुजर्र था। इसके पास ई-रवन्ना संख्या 1054514647 बताए। इसका रवन्ना छह बजकर 15 मिनट पर जनरेट किया गया।
करवा रहे हैं जांच
पीसांगन पुलिस से रवन्ना जांच के लिए मिले हैं। इसकी जांच करा रहे हैं। फर्जी रवन्ना की आशंका के चलते अधीक्षण खनिज अभियंता (सर्तकता) निदेशालय खान एवं भू-विज्ञान विभाग उदयपुर को सूचित किया गया है। वहीं बीकानेर के खनिज अधीक्षण अभियंता को फर्जी रवन्ना की जांच कराने के लिए लिखा गया है। साथ ही डम्फर मालिकों पर जुर्माना लगाया गया है।
- जयप्रकाश गोदारा, अधीक्षण अभियंता खनिज विभाग अजमेर
इनका कहना है...पीसांगन में फर्जी रवन्ना पकड़े जाने संबंधी अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। अगर फर्जी रवन्ना काटा जा रहा है तो गलत है, इसकी जांच कराई जाएगी।
योगेन्द्र सिंह सेहवाल, अधीक्षण खनिज अभयंता (सतर्कता मु.) खान एवं भू-विज्ञान विभाग उदयपुर
रसीद नहीं तो अमान्यडीजीटी को ठेका दे रखा है। कोई वाहन चालक के पास रॉयल्टी के साथ डीजीटी की रसीद नहीं है तो वह मान्य नहीं है। अजमेर खनन विभाग से जो शिकायत मिली है, उसकी जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
राजेन्द्र सिंह बल्लारा, एमई खनन विभाग बीकानेर।
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