जयपुर. हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में शनिवार को अदालतों के अगले साल के कैलेंडर को अंतिम रूप दिया गया। इसमें ग्रीष्मावकाश पांच जून से दो जुलाई तक रखने और दशहरा अवकाश पर तीन दिन छुट्टी अधिक रखने का निर्णय किया गया, इन तीन दिन के बदले तीन शनिवार कार्यदिवस घोषित किए गए। इसके अलावा हाल ही चयनित चार अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की नियुक्ति की पुष्टि की गई, अभय जैन के मामले में निर्णय टल गया।मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से यह बैठक की गई। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव सहित करीब पांच न्यायाधीश शामिल नहीं हो पाए, जबकि न्यायाधीश संदीप मेहता भोपाल से बैठक में शामिल हुए। इस दौरान तय किया गया कि इस बार ग्रीष्मावकाश मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होने के बजाय पांच जून से शुरू होगा। इसी तरह पिछले साल ग्रीष्मावकाश 27 जून तक रहा, जो इस बार 2 जुलाई तक रहेगा। दशहरा पर तीन कार्यदिवस ऐसे थे, जिनका पूरी तरह उपयोग हो पाना आसान नहीं था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय किया गया कि इन तीनों कार्यदिवस को अवकाश घोषित कर इनके बदले में तीन शनिवार हाईकोर्ट के लिए कार्यदिवस घोषित किए गए।
एडीजे भर्ती विवाद: बैठक में हाल ही वकील कोटे से चयनित एडीजे अधिकारियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई। शेष खाली रहे पदों के लिए नए सिरे से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी होगी। इनके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बहाल एडीजे अधिकारी अभय जैन के बारे में निर्णय टाल दिया गया।दो वकीलों की पुष्टि: सीबीआइ पैनल में तेज प्रकाश शर्मा व मुकेश कुमार वर्मा को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
पूर्व न्यायाधीशों के बारे में: पूर्व न्यायाधीशों को एक सेवक व एक चालक की सुविधा मुहैया कराने को लेकर सामने आया कि सरकार ने भत्ता 12 हजार से बढ़ाकर 36 हजार रुपए कर दिया, जिसमें सेवक व चालक की सुविधा किराए पर ली जा सकती है। इस कारण पूर्णपीठ की बैठक में इस मामले में कोई निर्णय नहीं किया गया।
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