जयपुर. आइपीएस उमेश मिश्रा गुरुवार को राजस्थान पुलिस के नए मुखिया (महानिदेशक) का चार्ज संभालेंगे। डीजीपी लाठर गुरुवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और आइपीएस लाठर को पारम्परिक तरीके से पुलिस मुख्यालय से विदाई दी जाएगी। सेवानिवृत्ति से पहले आइपीएस लाठर नए मुखिया उमेश मिश्रा को डीजीपी का चार्ज सौंपेंगे। मिश्रा के डीजीपी बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती साइबर अपराध की होगी। जिस तरह तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस के पास साइबर अपराधियों को पकडऩे के लिए तकनीकी की समस्या चुनौती है। डीजीपी बनने के बाद मिश्रा की पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ और दक्ष करना प्राथमिकता रहेगी। देश में राजस्थान में महिला अपराध भी काफी बढ़ रहे हैं। महिला अपराधों पर भी अकुंश लगाने की चुनौती रहेगी। पुलिस अनुसंधान में गुणवत्ता लाकर अपराधियों की सजा का प्रतिशत बढ़ाना भी चुनौती रहेगी। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक आइपीएस मिश्रा सबको साथ लेकर चलने वाले अधिकारी हैं। खुद भी तकनीकी कि अच्छे जानकार हैं, जिसके चलते राजस्थान इंटेलिजेंस के मुखिया रहते हुए कई जासूसों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। एटीएस के मुखिया रहने के दौरान आनंदपाल को एनकाउंटर हुआ। तब उनकी टीम में आइपीएस दिनेश एमएन भी थे। मुख्य सचिव ऊषा शर्मा बुधवार को पुलिस मुख्यालय पहुंची और डीजीपी लाठर व नए बनने वाले डीजीपी मिश्रा से मुलाकात की।
आरपीए में भव्य परेड का होगा आयोजन
अतिरिक्त महानिदेशक एवं आरपीए निदेशक राजीव शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस अकादमी में डीजीपी लाठर को विदाई देने के लिए गुरुवार सुबह सेरेमोनियल परेड़ का आयोजन किया जाएगा। जयपुर स्थित चौथी एवं पांचवी बटालियन आरएसीए हाडीरानी महिला बटालियन, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, यातायात पुलिस, जयपुर ग्रामीण और ईआरटी की टुकडिय़ां सेन्ट्रल बैण्ड की मधुर स्वर लहरियों के साथ कदम से कदम मिलाकर डीजीपी लाठर को सलामी देगी। इस परेड़ में परेड कमाण्डर आइपीएस मनीष चौधरी होंगे। लाठर को पुलिस परम्पराओं के अनुसार घुड़सवार पुलिस और मोटर साईकिल राईडर्स द्वारा सम्मानपूर्वक स्टेडियम तक लाया जायेगा।
पुलिस मुख्यालय में होगा नए पद पर कार्यभार ग्रहण
एडीजी हवा सिंह घुमरिया ने बताया कि नए डीजीपी उमेश मिश्रा को उनके आवास से पुलिस मुख्यालय तक पायलट जीप और मोटर साइकिल आउटराइडर्स द्वारा लाया जाएगा। गुरुवार दोपहर को मिश्रा के पीएचक्यू आगमन पर चतुर्थ बटालियन आरएसी के कमांडेंट राजेंद्र कुमार गार्ड ऑफ ऑनर देंगे। उसके बाद डीजीपी कार्यालय में सेवानिवृत्त होने वाली डीजीपी लाठर कार्यभार डीजीपी मिश्रा को सौंपेंगे। इसके बाद एमएल लाठर को मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मियों द्वारा पारम्परिक तरीके विदाई दी जाएगी। डीसीपी ट्रैफिक प्रह्लाद कृष्णिया लाठर को उनके आवास तक लेकर जाएंगे।
लाठर ने दिलाई विशेष पदोन्नतियां
डीजीपी लाठर ने अपने कार्यकाल के दौरान पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए अच्छा काम करने वालों को विशेष पदोन्नतियां दिलाई। इसके अलावा इनके कार्यकाल में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सबसे अधिक डीजीपी ***** से सम्मानित किया गया। उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड से दुनियाभर में दहशत थी। लेकिन चार घंटे के अंदर आरोपियों को पकडऩा भी इनकी विशेष उपलब्धि रही।
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