अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी कर सकेंगे दूसरे शहरों का टूर

बीकानेर. अब तक तो निजी स्कूल तथा कॉलेज स्तर तक के विद्यार्थियों को ही शैक्षिक भ्रमण पर एक शहर से दूसरे शहर में ले जाया जाता रहा है। ताकि विद्यार्थी अन्य शहरों का ऐतिहासिक महत्व और वहां की संस्कृति से रूबरू हो सकें। नजदीक से देखने के कारण विद्यार्थियों के स्मृति पटल पर भी भ्रमण के दौरान मिलने वाली जानकारी बनी रहती है, जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान यह काम आती है। साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होता है। इसी तर्ज पर अब शिक्षा विभाग ने भी अपने स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक भ्रमण का कार्यक्रम तय किया है। शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम की योजना के अनुसार राजकीय विद्यालयों में कक्षा सात व आठ में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अंतर जिला शैक्षिक भ्रमण के लिए स्वीकृत प्रावधान के अनुसार राशि भी अलग से जारी की जाएगी। अंतर जिला शैक्षिक भ्रमण का दायित्व जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) तथा सर्किल ऑर्गनाइजर (सीओ) स्काउट एवं गाइड को सौंपा गया है।

यह रहेगा भ्रमण का कार्यक्रम

20 नवंबर तक जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.) कार्यालय संस्था प्रधानों के माध्यम से विद्यार्थियों का आवेदन प्राप्त करेंगे। इसके बाद 30 नवंबर तक जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों में से वरीयता के आधार पर निर्धारित संख्या में विद्यार्थियों का चयन कर संबंधित को सूचना दी जाएगी। दस दिसंबर तक संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) से अंतर जिला शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। यह सब होने के बाद पांच दिवसीय अंतर जिला शैक्षिक भ्रमण की अवधि तय की जाएगी। यह अवधि शीतकालीन अवकाश में ही तय की जाएगी। ज्यादा संभावना है कि 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक अथवा एक जनवरी से पांच जनवरी तक की अवधि में भ्रमण कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में भी व्यवधान उत्पन्न न हो।

प्रति विद्यार्थी पर खर्च होंगे चार हजार रुपए

शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले विद्यार्थियों का खर्च सरकार ही वहन करेगी। इसके लिए प्रति छात्र पर 4133 रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि को खर्च करने के लिए अलग-अलग मद भी तय किया गया है। प्रति विद्यार्थी के लिए दो हजार रुपए किराया, 800 रुपए भोजन, 300 रुपए अल्पाहार, 600 रुपए आवास, 200 रुपए स्टेशनरी तथा अन्य व्यय के लिए 233 रुपए तय किए गए हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। पहले स्थान पर रहने वाले को 350 रुपए, द्वितीय स्थान वाले विद्यार्थी को 250 तथा तृतीय स्थान वाले विद्यार्थी को 200 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

भ्रमण का यह रहेगा उद्देश्य

अभी तक छात्रों को पुस्तकों से ही जानकारी मिल पाती थी। अब उन्हें शहरों-स्थलों को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। छात्रों को स्थापत्य कला की जानकारी होगी। विद्यार्थियों को प्राकृतिक आनंद उठाने का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक जीवन से ओत-प्रोत हो सकेंगे। साथ ही पुस्तकीय ज्ञान के अतिरिक्त अन्य ज्ञान में भी वृद्धि होगी। - गौरव अग्रवाल, निदेशक, शिक्षा निदेशालय

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