जयपुर। बीकानेर कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल को ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीना के बैठक में फटकार लगाने के मामले का पटाक्षेप हो गया है। इस मामले को लेकर आइएएस एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद ग्रामीण विकास मंत्री रमेश मीना बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने कलक्टर से फोन पर बात कर गिले-शिकवे दूर किए।
कलक्टर से विवाद के बाद मंत्री रमेश मीना केबिनेट में नहीं पहुंचे, जिसको लेकर भी सवाल उठे। बीकानेर कलक्टर से 21 नवम्बर को मंत्री के अशोभनीय बर्ताव के मामले को आइएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री स्तर तक उठाया था। एसोसिएशन ने इस घटना के साथ ही कुछ ही दिन पहले अलवर कलक्टर से भी अमर्यादित बर्ताव को मुद्दा बनाया। इन घटनाओं को लेकर बुधवार को भी एसोसिएशन की ओर से भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पत्र लिखा गया था, जिसमें संवैधानिक प्रावधानों व ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला देकर इन दोनों घटनाओं को लोकसेवकों के सम्मान से जोड़ दिया गया था। साथ ही, अन्य सेवाओं की एसोसिएशनों के समर्थन को लेकर उनका आभार जताया गया था। जानकारी में आया है कि मामला लगातार तूल पकड़ते देख शुक्रवार को मंत्री रमेश मीना ने बीकानेर कलक्टर से बात की और बैठक के दौरान हुई घटना को लेकर अपने मन की बात कही। हालांकि मंत्री और कलक्टर दोनों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है।
सीएम तक पहुंची बात
बीकानेर व अलवर कलक्टर के साथ अशोभनीय बर्ताव की घटना को लेकर आइएएस एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल पहले मुख्य सचिव उषा शर्मा से मिला और उसके बाद मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका के जरिए मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाई।
मंत्री बोले, अब मुद्दा नहीं
मंत्री रमेश मीना से उनकी कलक्टर से बात होने के बारे में पूछा गया तो उन्हाेंने कहा कि अब यह मुद्दा नहीं है और वे इस बारे में बात नहीं करना चाहते। इस बारे में बीकानेर कलक्टर ने कहा, वे इस प्रकरण पर बोलना ही नहीं चाहते।
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