VIDEO : सरकार हम चलाते हैं...सवार पर निर्भर करता है घोड़े-घोड़ी से कैसे काम कराए : मीणा

बीकानेर. ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री रमेश चन्द्र मीणा ब्यूरोक्रेसी पर टिप्पणी के साथ कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल को कार्यक्रम से बाहर जाने का कहकर बुरे फंस गए हैं। उनके व्यवहार की प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए मंगलवार को ज्ञापनों का ढेर लगा दिया। भाजपा भी ब्यूरोक्रेसी के पक्ष में खड़ी हो गई है। इस बीच मंत्री मीणा का ब्यूरोक्रेसी से काम कराने के लिए घोड़े-घोड़ी का उदाहरण देता एक और वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ। यह वीडियो सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के बाद का है। जिसमें वे कह रहे हैं- सरकार में हम मंत्री है...सरकार हम चलाते हैं। सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है। उनके स्पष्ट निर्देश है। काम कराना हमें आना चाहिए। जैसे घोड़ा या घोड़ी होती है, उस पर सवार करने वाला कैसा होता है उस पर निर्भर करता है। कहीं कोई ब्यूरोक्रेट्स हावी नहीं है। इन्होंने कोई गलती की या इमरजेंसी फोन आया तो दिशा निर्देश दिए हैं। लोगों के काम नहीं होंगे तो सरकार कैसे चला पाएंगे। कलक्टर जिले का लगा रखा है। गरीब के घर तक विकास होना चाहिए। यह कलक्टर की जिम्मेदारी है।
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कलक्टर ने जो कॉल उठाई वह सीएम घोषणा की क्रियान्विति की
कार्यक्रम में कलक्टर के जिस कॉल को रिसीव करने के बाद मंत्री मीणा ने ब्यूरोक्रेसी को कोसा, वह कॉल ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने गुजरात से की थी। पार्टी की ओर से सौंपी गई चुनावी जिम्मेदारी का निर्वाहन करने के दौरान मंत्री भाटी ने अपने विधानसभा क्षेत्र की मुख्यमंत्री बजट घोषणा को लेकर जिला कलक्टर को यह कॉल की थी। उन्होंने नई स्वीकृत मंडियां राववाला, बीकमपुर, जजू में भूमि आवंटन की प्रगति पूछने के लिए कॉल किया। जिला कलक्टर ने फोन रिसीव करते ही मंत्री को कार्यक्रम में होने की मजबूरी के चलते वापस कॉल करने का प्रत्युत्तर दिया था।
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तहसीलदारों ने लगाई काली पट्टी, कार्मिकों की पेन डाउन हड़ताल
मंत्री मीणा की महिला संवाद कार्यक्रम में सोमवार को टिप्पणी और कलक्टर के साथ व्यवहार को लेकर आक्रोश जताते हुए जिले के तहसीलदारों ने मंगलवार को बाजू पर काली पट्टी बांध विरोध जताया। उन्होंने संभागीय आयुक्त से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा। आरएएस अधिकारियों के संगठन, अन्य अधिकारियों के संगठनों, पटवारियों, व्यापार संघ के पदाधिकारियों, जिला कलक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी ज्ञापन सौंपे। सभी ने मंत्री मीणा से माफी मंगवाने और मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है। नोखा के भाजपा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज अवगत कराया कि जरूरी कॉल रिसीव करने पर मंत्री ने जिला कलक्टर को बाहर जाने का कह दिया। मंत्री की ओर से नौकरशाही पर अभद्र टिप्पणी करना अनुचित है।



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