बीकानेर. दो साल पहले कोरोना काल के दौरान मोनालिसा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मोनालिसा की मौत कोरोना से नहीं हुई थी। उसकी हत्या की गई थी। मोनालिसा जिस युवक के साथ रिलेशनशिप में रह रही थी, उसी ने उसकी हत्या की। इतना ही नहीं, हत्या को कोरोना से मौत होना भी प्रचारित कर दिया। जांच अधिकारी एएसपी अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि खाजूवाला के पांच केजेडी हाल पता वृंदावन एनक्लेव निवासी भवानीसिंह पुत्र गुलाबसिंह को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
26 दिन में रहस्य से उठा दिया पर्दा
एएसपी बुड़ानिया ने मामला दर्ज होने के 26 दिन बाद ही मोनालिसा की मौत से पर्दा उठा दिया। बुड़ानिया ने बताया कि भवानीसिंह पहले से शादीशुदा था। उसके एक पुत्र था। इसके बावजूद उसने मोनालिया से शादी की।
गैंगवार में भी था सहयोगी
एएसपी ने बताया कि आरोपी भवानीसिंह जुलाई 2014 में बीकानेर केन्द्रीय कारागार में हुई गैंगवार में बदमाश आनंदपाल का सहयोगी भी रहा। गैंगवार में आनंदपाल के साथी बलवीर बानूड़ा एवं दूसरे गुट के जयप्रकाश व रामपाल की हत्या हुई थी। इस संबंध में बीछवाल थाने में मामला दर्ज हुआ, जिसमें आनंदपाल के सहयोगी के रूप में भवानीसिंह को भी आरोपी बनाया गया था।
यह है मामला
मोनालिसा की कोरोनाकाल में जयपुर में मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक व संबंधित थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के लिए परिवाद दिया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इस पर मोनालिसा के परिजनों ने पुलिस महानिदेशक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। तब 21 नवंबर, 22 को यह मामला सदर थाने में दर्ज हुआ । रिपोर्ट में जयपुर रोड स्थित करोड़ों की जमीन हड़पने के लिए मोनालिया की साजिशन हत्या करने का भवानीसिंह, रविन्द्र रामपुरिया, चिराग रामपुरिया, जसवंत जाट व एक अन्य पर आरोप लगाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर अमित कुमार बुड़ानिया को जांच सौंपी गई।
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