मोमासर में विकसित हो रहा मॉडल चरागाह

संजय पारीक
श्रीडूंगरगढ़. मनरेगा के तहत पंचायत स्तर पर चरागाहों का विकास होगा। इसी कड़ी में क्षेत्र की मोमासर ग्राम पंचायत में मॉडल चरागाह विकसित किया जा रहा है। गांव की पूर्व दिशा में ग्राम पंचायत की करीब 50 बीघा जमीन पर विकसित हो रहे चरागाह में सेवण घास के साथ औषधीय व फलदार सहित विभिन्न के पौधे लगाए गए हैं। औषधीय जहां हर मर्ज की दवा के लिए काम आएंगे। वहीं फलदार पौधों से ग्रामीणों की सेहत बनेगी। वर्तमान में चरागाह को विकसित करने का कार्य प्रगति पर है।

15 बीघा भूमि पर लगाए पौधे
मोमासर गांव में चरागाह विकास के लिए ग्राम पंचायत की ओर से विभिन्न प्रकार के 10 हजार औषधीय व फलदार पौधे लगाए गए है। करीब 15 बीघा भूमि पर करीब 4 हजार एलोवेरा के पौधे लगाए गए है। वहीं जामुन, अमरूद, अनार आदि के फलदार पौधों सहित शीशम, नीम, खेजड़ी आदि के पौधे भी लगाए गए है। इस चरागाह में बहुपयोगी औषधि सहजन के पौधे भी लगाए गए है। गत दिनों जिला कलक्टर भगवती प्रसाद ने मोमासर चरागाह में रोपण के लिए एक हजार सहजन के पौधे भेजे थे।

पशु चारा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण
पशु चारे की किल्लत को मिटाकर मोमासर ग्राम पंचायत को पशु चारा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ही चरागाह विकास किया जा रहा है। पशुओं के लिए चरागाह में सेवण घास के साथ अन्य प्रकार की घास भी रोपित की गई है। साथ ही पर्यावरण सरंक्षण की दृष्टि से भी चरागाह विकास होना लाभदायक होगा।

सर्दी से पौधों का कर रहे बचाव
चरागाह भूमि पर लगाए गए पौधे सर्दी में खराब होकर मुरझाए नहीं, इसके लिए भी ग्राम पंचायत की ओर से बेहतर प्रबंध किए गए हैं। इन पौधों को प्लास्टिक के कवर और झाड़ियों के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से ढका गया है। ताकि पौधों का सर्दी से बचाव हो सके। साथ ही उन्हें पर्याप्त हवा-पानी भी मिल सके। इस कार्य मे निर्मल पटावरी, मनफूल गोदारा आदि सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।

इनका कहना है
इस कार्य से महिला स्वयं सहायता समूह भी जुड़ेंगे। ताकि उन्हें स्वरोजगार मिल सके और आर्थिक रूप से मजबूत बन सके। ग्रामीणों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से चरागाह विकसित किए जा रहे है।
धीरसिंह गोदारा, अधिशासी अभियंता मनरेगा।

चरागाह विकास कार्य प्रगति पर है। इससे सेवण घास उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही पौधरोपण से गांव का वातावरण शुद्ध होगा। फलदार पौधों से होने वाली आय से ग्राम पंचायत में विकास कार्य भी करवाए जा सकेंगे।
जुगराज संचेती, उपसरपंच मोमासर

ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मनरेगा के तहत चरागाह विकास कार्य करवाया जा रहा है। मोमासर ग्राम पंचायत में वर्तमान में 50 बीघा जमीन पर चरागाह विकास का कार्य प्रगतिरत है। 200 बीघा जमीन पर चरागाह विकसित करने का उद्देश्य है। इससे ग्राम पंचायत व सरकार की जमीन पर लोग अतिक्रमण भी नहीं कर सकेंगे।
संजीव बुडानिया, ग्राम विकास अधिकारी मोमासर।



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