20 लाख स्कूली बच्चों तक नहीं पहुंचे यूनिफॉर्म सिलाई के पैसे, कौन है जिम्मेदार?

बीकानेर. राज्य सरकार ने बजट घोषणा के करीब आठ माह बाद यूनिफॉर्म का कपड़ा वितरित कर वाहवाही तो लूट ली। साथ ही सिलाई की राशि भी देने की घोषणा कर छात्रों की संख्या के मुताबिक राशि संबंधित अधिकारियों को हस्तांतरित भी कर दी, लेकिन सरकारी शिक्षकों की लापरवाही और ढिलाई के कारण प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि नहीं पहुंच पाई है। इसकी मुख्य वजह यह सामने आ रही है कि विद्यार्थियों का आधार कार्ड तथा जन आधार कार्ड उनके बैंक खातों से अपडेट ही नहीं है। जबकि सरकार की शर्त है कि सिलाई की राशि विद्यार्थियों के खाते में ही जमा कराई जाए।

कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को कपड़ा वितरितप्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत विद्यार्थियों की कक्षा में एकरूपता दिखाने के लिए सरकार ने एक जैसी यूनिफॉर्म वितरित की थी। सरकार ने बजट 2022-23 में स्कूल यूनिफॉर्म देने की घोषणा की थी, लेकिन नवंबर में इसका कपड़ा वितरित किया जा सका।

67 फीसदी विद्यार्थियों के ही खाते अपडेट

अब तक कक्षा आठ तक पढ़ने वाले 67 प्रतिशत विद्यार्थियों के आधार कार्ड तथा जन आधार कार्ड बैंक खातों से अपडेट किए गए हैं। यानी 33 प्रतिशत विद्यार्थियों के आधार तथा जन आधार कार्ड बैंक खातों से जाेड़े नहीं गए हैं। ऐसे में जो विद्यार्थी शेष रह गए हैं, उन्हें सिलाई राशि मिलेगी या नहीं, इस पर भी संशय बना हुआ है। क्याेंकि सरकार की शर्त के अनुसार सिलाई की राशि बैंक खातों में ही जमा की जा सकेगी। गौरतलब है कि एक विद्यार्थी को दो सौ रुपए सिलाई के रूप में मिलने है।

इतने स्कूल और विद्यार्थी

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 64772 स्कूल हैं। इन स्कूलों में कक्षा आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 64,53,278 है। इसमें से 43,51,614 विद्यार्थियों के जन आधार कार्ड बैंक खाताें में अपडेट हैं।

55 करोड़ रुपए आवंटित

यूनिफॉर्म की सिलाई के लिए सरकार ने करीब 55 करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर दी है। अब इस राशि को पीईईओ तथा यूसीईईओ के माध्यम से प्रति विद्यार्थी को दो सौ रुपए बैंक खातों में जमा कराना है।

कहां है दिक्कत

विद्यार्थियों के आधार तथा जन आधार कार्ड बैंक खातों से अपडेट नहीं होने के कई कारण भी सामने आए हैं। कई विद्यार्थियों के अभिभावक ग्रामीण परिवेश से होने के कारण उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। साथ ही आधार तथा जन आधार कार्ड और स्कूलों में लिखित नामों में त्रुटि भी है।

संस्था प्रधानों की जिम्मेदारी

जिन विद्यार्थियों के आधार एवं जन आधार कार्ड बैंक खातों से जुड़े हुए नहीं हैं। इसके लिए संस्था प्रधानों की जिम्मेदारी है कि वे अभिभावकों को स्कूल बुलाकर उन्हें समझाएं, ताकि सिलाई की राशि जमा हो सके। साथ ही शिविर भी लगाए जाएं। ताकि बैंक खाते अपडेट होने पर सिलाई की राशि खातों में जमा हो सके। - गौरव अग्रवाल, शिक्षा निदेशक



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